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भोपाल: क्रिप्टो में मोटे रिटर्न का झांसा देकर युवक से 12 लाख की ठगी, 160 रुपये के बोनस से जीता भरोसा

Thu, 03 Sep 2026 08:57 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में साइबर ठगों ने क्रिप्टो निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर युवक से 11.98 लाख रुपये ठग लिए। शुरुआत में छोटे बोनस देकर भरोसा जीता, फिर 32 बार रकम ट्रांसफर कराई। पैसे वापस मांगने पर 60 हजार रुपये और मांगे गए।
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर एक युवक से करीब 12 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने शुरुआत में 160 रुपये का बोनस देकर पीड़ित का भरोसा जीता। इसके बाद भारी मुनाफे का लालच देकर 32 बार में कुल 11.98 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने अपनी मूल रकम और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपियों ने 60 हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने की मांग कर दी। संदेह होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

टास्क और बोनस के नाम पर ऐसे बिछाया जाल

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पुलिस के अनुसार, बागमुगलिया निवासी 36 वर्षीय सत्येंद्र करोसिया को 18 अगस्त को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में ऑनलाइन प्रोडक्ट खरीदने और उनके स्क्रीनशॉट भेजने के बदले बोनस देने का दावा किया गया। शुरुआत में सत्येंद्र के खाते में 160, 100 और 1500 रुपये जैसे छोटे बोनस भेजे गए, जिससे उन्हें इस काम के असली होने का भरोसा हो गया।

इसके बाद ठगों ने उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश से जुड़े बड़े टास्क देने शुरू कर दिए। जितना अधिक निवेश, उतना अधिक मुनाफा मिलने का लालच देकर ठग उन्हें लगातार निवेश करने के लिए प्रेरित करते रहे।

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पत्नी, भाई और दोस्तों के खातों से भी भेजे रुपये

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ठगी का दायरा बढ़ता गया और सत्येंद्र ने 19 और 20 अगस्त के दौरान अपने बैंक खाते के अलावा पत्नी, भाई, भतीजे, दोस्तों और अन्य परिचितों के खातों से भी रकम ट्रांसफर कर दी। दो दिनों में 32 किस्तों के जरिए कुल 11 लाख 98 हजार रुपये ठगों के बताए बैंक खातों और यूपीआई आईडी में भेज दिए गए।

जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने पूरी राशि जारी करने के लिए पहले 60 हजार रुपये और जमा करने की शर्त रख दी। इस पर सत्येंद्र को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने अतिरिक्त रकम देने से इनकार करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में जुटी बागसेवनिया पुलिस

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पीड़ित की शिकायत के आधार पर बागसेवनिया थाना पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारकों और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब 32 ट्रांजेक्शन से जुड़ी यूपीआई आईडी, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी खंगालकर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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