मध्य प्रदेश की कई प्रॉपर्टी दूसरे राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में है, लेकिन सरकार के पास इसकी कोई लिखित जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस विधायक द्वारा लगाए गए प्रश्न का जवाब सामने आया। जवाब में कहा गया कि राज्य के अंदर की संपत्तियों की जानकारी तो हम रखते हैं, लेकिन दूसरे राज्यों की संपत्तियों का कोई ब्यौरा हमारे पास उपलब्ध नहीं है।
इसके बाद जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि सरकार बाहर की संपत्तियों को बेच रही है यहां तक की प्रदेश की एक साथ 101 संपत्तियों की जानकारी दी गई है लेकिन उन संपत्तियों को भी धीरे-धीरे बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा अजब और गजब मध्य प्रदेश है जहां खुद की संपत्तियों की जानकारी नहीं रखी जाती।
विधानसभा में विधायक द्वारा पूछा गया प्रश्न
- कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में पूछा कि प्रदेश सरकार की कितनी संपत्ति प्रदेश के बाहर स्थित है? टेबल फॉर्म में जैसे संपत्ति का नाम, संपत्ति का क्षेत्रफल, वर्तमान मूल्य, संपत्ति पर अवैध कब्जा है या नहीं आदि में उपलब्ध कराएं।
- उल्लेखित संपत्ति में से शासन किन किन संपत्तियों को बेचने की योजना बन रहा है संपत्तिवार जानकारी उपलब्ध कराएं?
- विगत 5 वित्तीय वर्षों में प्रदेश के अंदर व बाहर स्थित कितनी संपत्ति बेची गई है और उनसे कितना राजस्व प्राप्त हुआ की जानकारी संपत्तिवार उपलब्ध कराएं?
- इस वित्तीय वर्ष में कितनी सम्पत्ति बेचने की योजना पर सरकार कार्य कर रही है। संपत्तिवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं।
- किसी भी संपत्ति को बेचने की शासन की क्या नीति और प्रकिया है कि जानकारी उपलब्ध है?
नहीं रखा जाता रिकॉर्ड, विभाग का जवाब
लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की अन्य राज्यों में स्थित परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है। वर्तमान में विभाग के पोर्टल पर राज्य के बाहर स्थित परिसंपत्ति इंद्राज नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। कुल 10। परिसंपत्तियों के निवर्तन से राशि 1110.88 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्तमान में किसी भी संपत्ति को बेचने की स्वीकृति नहीं दी गई है।