MP: कम होते पेड़, तेजी से बढ़ती आबादियां, वाहनों, फैक्ट्रियों की संख्या में होती बढ़ोतरी, असर पर्यावरण और शुद्ध हवा पर पड़ना लाजमी है। इन बदलते हालात ने देश दुनिया को अपने असर में लिया है। मप्र का सुंदर शहर कहलाने वाला भोपाल भी उसके घेरे में है।
राष्ट्रीय स्तर पर किए गए सर्वे में भोपाल अपनी पिछली रैंक से पांच पायदान नीचे सरक गया है। शुद्ध हवा के लिहाज से जहां इसका आंकलन राष्ट्रीय स्तर पर 5वें नंबर पर किया जाता था, वहीं ताजा सर्वे में भोपाल को 8वें रैंक पर रखा गया है।
विज्ञापन
देशभर के बड़े शहरों में साफ हवा को लेकर एक सर्वे किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा कराए गए इस सर्वे में मप्र के बड़े शहरों को भी शामिल किया गया है। जानकारी के मुताबिक स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2024 में देशभर के 133 शहरों को शामिल किया गया है। इस सर्वे के मुताबिक भोपाल को 8वीं रैंक मिली है। जबकि पिछले सर्वे में इसके पास 5वीं रैंक थी।
प्रदेश में किसे क्या मिला
इस सर्वे के मुताबिक साफ हवा के मामले में प्रदेश की कमर्शियल कैपिटल इंदौर पिछड़ गया है। जहां पहले इसको पहले पहले नंबर पर रखा गया था, अब यह 7वीं पायदान पर आ गया है। देश के 133 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गुजरात के सूरत को 1 नंबर पर रखा गया है। मध्य प्रदेश का जबलपुर 2 नंबर पर, इंदौर का स्थान 1 नंबर से 7 नंबर पर पहुंचा है। इसी तरह भोपाल 5 नंबर से सरक कर 8 पायदान पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
इनसे बदल रहे हालात
प्रदेश के खूबसूरत शहर भोपाल को कभी देश के सबसे बेहतर शहर के रूप में जाना जाता था। पहाड़ों, हरियाली और नदी तालाबों की मौजूदगी से इस शहर का वातावरण यहां आने वाले हर व्यक्ति को लुभाता रहा है। समय के साथ कम होती हरियाली, सुकड़ते तालाबों के दायरों ने इन हालात को धक्का लगाया। इसके साथ ही बढ़ती आबादी, वाहनों और कारखानों की अधिकता ने भी इस शहर की शुद्ध हवा को प्रभावित किया है।