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भोपाल स्लॉटर हाउस मामला: गौमांस तस्करी पर सियासी घमासान, कांग्रेस का मौनी अमावस्या पर सामूहिक प्रार्थना

Sun, 18 Jan 2026 08:02 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल स्लॉटर हाउस और कथित गौमांस तस्करी मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने मौनी अमावस्या पर सामूहिक प्रार्थना और प्रदर्शन कर महापौर, एमआईसी सदस्यों व अधिकारियों पर एफआईआर की मांग की और कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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कांग्रेस का मौनी पूर्णिमा पर सामूहिक प्रार्थना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल स्लॉटर हाउस और कथित गौमांस तस्करी के मामले ने अब शहर की राजनीति में तीखा मोड़ ले लिया है। अमानवीय कृत्यों के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर कांग्रेस ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए सामूहिक प्रार्थना और प्रदर्शन के जरिए शासन-प्रशासन पर दबाव बनाया। रविवार को कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में छत्रपति शिवाजी चौराहा स्थित झरना मंदिर में बजरंगबली हनुमान जी के चरणों में सामूहिक प्रार्थना की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कथित गौमांस तस्करी और गौमाता की हत्या के खिलाफ नैतिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिरोध है।
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एमआईसी की भूमिका पर गंभीर सवाल
कांग्रेस की ओर से जारी बयान में नगर की महापौर, एमआईसी में शामिल सदस्यों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए। पार्टी का आरोप है कि पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने स्पष्ट मांग की है कि सभी जिम्मेदारों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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इस घटना से संपूर्ण समाज आहत
प्रार्थना के बाद कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने कहा कि इस घटना से संपूर्ण समाज आहत है और यदि सिर्फ दिखावटी कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द एफआईआर दर्ज नहीं हुई और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो कांग्रेस और समाज सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक आंदोलन करेगा।
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 हिंसा, क्रूरता और पाखंड स्वीकार्य नहीं
शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म करुणा, अहिंसा और न्याय की सीख देता है, उसके नाम पर हिंसा, क्रूरता और पाखंड स्वीकार्य नहीं है। यह मामला केवल आस्था का नहीं, बल्कि कानून, संवैधानिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना से जुड़ा है।
 
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