मध्य प्रदेश में शनिवार रविवार रात को प्रदेश के 12 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे तक लुढ़क गया वहीं, राजगढ़ प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड रहा, यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। शनिवार रविवार रात को प्रदेश के 12 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे तक लुढ़क गया वहीं, राजगढ़ प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड रहा, यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के अनुसार प्रदेश में ठंड अपना असर दिखना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर माह में प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में सीत लहर चलेगी और कड़ाके की ठंड पड़ेगी। प्रदेश के 12 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। रविवार को दिन का सबसे कम 23.2 डिग्री सेल्सियस रायसेन में रिकॉर्ड किया गया।
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और गिरेगा प्रदेश का तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम (12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिम से पूर्व की तरफ 260 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं का चलना) बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में तूफान फेंगल मौजूद है। पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। तूफान फेंगल के प्रभाव से हवाओं के साथ कुछ नमी आने की वजह से प्रदेश में कहीं-कहीं आंशिक बादल आ सकते हैं। इससे न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य प्रदेश के 10 डिग्री से नीचे तापमान वाले 12 शहर
दस दिन से 10 डिग्री से नीचे है भोपाल का पर
राजधानी भोपाल में इस समय रात के साथ दिन में भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। यहां पिछले 10 दिनों से रात का तापमान आठ से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। दिन में भी सर्द हवाएं सिहरन बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में रविवार को दिन का तापमान 25 डिग्रीसेल्सियस रिकार्ड किया गया। जो सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इस इस सीजन का दिन का सबसे कम तापमान है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने ट्रिपल सी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। सबसे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर किया था। ट्रिपल सी का अर्थ चेक, कॉल और कंप्रेस है। पहले चेक यानी बेहोश मरीज की गर्दन के पास से ही पल्स चेक करें। इसके साथ उसकी सांस की जांच करके तत्काल एंबुलेंस को काल करें।