तीन महीने बाद हुई शुक्रवार को भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। बैठक में अप्रयुक्त निधि सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। बैठक में उनके खिलाफ विपक्ष और सत्ता पक्ष ने काम में लापरवाही, जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने, फोन नहीं उठाने और फाइलें अटकाने की शिकायतें की। जिसके बाद शुक्रवार को निगम परिषद की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे पारित कर दिया गया।
बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी
एमआईसी बैठक में शाहपुरा तालाब, अमृत-2 जैसे 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। शाहपुरा तालाब का सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित करने का भी निर्णय लिया गया है। यहां फुटपाथ निर्माण के साथ ही तालाब में मिलने वाले सीवरेज के पानी को रोकने के बंदोबस्त किए जाएंगे। इस पर 9.16 करोड़ रुपए खर्च होगा। स्मार्ट नेविगेशन डिवाइस लगाने वाली कंपनी यूनिकॉर्न सॉल्यूशन का एग्रीमेंट खत्म कर उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। ऐसे में शहर में लगी 100 से ज्यादा इन गेंट्री का संचालन नगर निगम की ओर से किया जाएगा। यही नहीं, अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में 5 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की लागत से पानी की पाइपलाइन बिछाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। यही प्रस्ताव अब परिषद की मीटिंग में रखे जाएंगे।
कमिश्नर बीच बैठक में निकले बाहर
भोपाल नगर निगम के अधिकारी और कमिश्नर सीएम के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बैठक बीच में ही छोड़ कर चले गए। पार्षद पप्पू विलास ने इस बात का विरोध किया। जिसके बाद परिषद अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का बड़ा कार्यक्रम है, नगर निगम कई तरह की व्यवस्थाएं देख रही है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने भी विरोध दर्ज कराया।
होर्डिंग को लेकर की नारेबाजी
मीटिंग शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्षदों ने 16 दिसंबर को कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर हटाए गए होर्डिंग को लेकर नारेबाजी की। इसे लेकर अध्यक्ष की आसंदी को घेर लिया। वहीं बीजेपी पार्षदों ने इस कहा कि जब होर्डिंग की परमिशन नहीं ली। किराया नहीं दिया, तो हटा दिए होंगे। कांग्रेस पार्षदों ने इस मामले में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने नगर निगम प्रशासन होश में आओ, मनमानी नहीं चलेगी। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कांग्रेस पार्षदों को आश्वासन दिया कि इस तरह की भेदभाव पूर्ण कार्रवाई नहीं होगी।