काग्रेस के प्रदेस स्तरीय समित की बैठक
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मध्य प्रदेश कांग्रेस को लगातार चुनावो में मिली हार के बाद कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। हालही में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की है। वहीं अब समितियों का भी गठन शुरु हो गए हैं। दरअसल पिछले दिनों प्रदेश में प्रदर्शन, धरना सरकार के विरुद्ध आवाज उठाने और एजेंडा तय करने के लिए एक कमेटी का गठन जीतू पटवारी ने किया है। जिसमें पूर्व और वर्तमान विधायक को शामिल किया गया। इस कमेटी की पहली बैठक मंगलवार को पीसीसी में आयोजित की गई जिसमें तय किया गया है कि कांग्रेस पार्टी पंचायत स्तर पर कमेटी बनाएगी और यह कमेटी प्रत्येक बूथ पर सही व्यक्ति को बैठाएगी। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने बताया कि संगठन को मैदानी स्तर पर मजबूती प्रदान करने हेतु समय-समय पर आयोजित होने वाली समस्त बैठकों, धरना, प्रदर्शन, आंदोलनों का एजेण्डा तथा केन्द्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करने के उद्देश्य से प्रारूप संकलन तैयार करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जी द्वारा गठित प्रदेश स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना पर रणनीति तैयार की गई।
प्रदेस्तरीय समित के सदस्य
बैठक में समिति के अध्यक्ष विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, पूर्व मंत्री एनपी प्रजापति, सज्जन सिंह वर्मा, मप्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष महेन्द्र जोशी और राजीव सिंह, पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, महामंत्री संजय कामले, गौरव रघुवंशी और मृणाल पंत उपस्थित थे।
जिला, ब्लाक और विधानसभाओं का देगें प्रभार
नायक ने बताया कि आगामी दो दिन की कार्यसमिति की होने वाली बैठक जिसमें विशेष और स्थायी आमंत्रित सदस्यों, नवीन प्रदेश कार्यकारिणी में रखे जाने वाले विचार और बिंदुओं पर चर्चा हुई और उसका एजेंडा बनाया गया। मप्र कांग्रेस कमेटी का जो पुर्नगठन हुआ है उसके बाद कांग्रेस किस दिशा में काम करेगी, प्रदेश के जितने पदाधिकारी बनाये गए है, सबको मैदानी गतिविधियों से जोड़कर जिला, ब्लाक और विधानसभाओं का प्रभार दिया जायेगा और नये लोगों को जोड़ने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जो भी पदाधिकारी बनाये गये उनके पास काम होगा, संगठन के नेटवर्क को बढ़ाने पूरी शक्ति से काम होगा, जिला-ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों को सुझाव दिया गया कि उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और उसका स्वरूप बढ़ा नहीं होगा। संगठन में नये लोगों को जोड़ने का काम किया जायेगा। हमारी प्राथमिक इकाईयां वार्ड, पंचायत, बूथ कमेटियां होगी, बूथों पर सही व्यक्ति का चयन होगा। संगठन द्वारा मोहल्ला कांग्रेस कमेटी का गठन होगा जो 35-40 घरों के बीच उत्प्रेरक समूह का एक कार्यकर्ता होगा जो समय-समय पर कांग्रेस की नीतियों, विचारों, संपर्क के लिए उनके बीच उपस्थित रहेगा।