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फैसला: पांच मासूमों से दरिंदगी करने वाले प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, सहयोगी राबिया बी को 20 साल की सजा

Tue, 27 Oct 2026 10:22 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल की विशेष पॉक्सो अदालत ने पांच नाबालिग बच्चियों से जुड़े यौन अपराधों के मामले में प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास और 77.64 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल का कारावास दिया गया। मामला जुलाई 2020 में सामने आया था।
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नाबालिगों का शोषण करने वाले प्यारे मियां को दस आजीवन कारावास की सजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उम्र 78 साल, शिकार पांच नाबालिग बच्चियां और अपराध इतने गंभीर कि अदालत ने एक के बाद एक 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुना दी। राजधानी में नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म और लैंगिक अपराध के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल की अदालत ने प्यारे मियां को कड़ी सजा सुनाई है। आरोपी को आठ मामलों में शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास और दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा दी गई है। 
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अदालत ने उस पर कुल 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। शासन की ओर से लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने पैरवी की। यह मामला सिर्फ यौन अपराध का नहीं, बल्कि भरोसे, मजबूरी और बेहतर भविष्य की उम्मीद का फायदा उठाकर बच्चियों को कथित तौर पर जाल में फंसाने का भी है।  अभियोजन के मुताबिक, प्यारे मियां बच्चियों को हर महीने 10 हजार रुपये की नौकरी दिलाने का लालच देकर अपने पास बुलाता था। राबिया बी पर बच्चियों को उसके पास ले जाने का आरोप है। आरोपों के अनुसार, नौकरी की उम्मीद में पहुंचीं बच्चियों को अलग-अलग समय और स्थानों पर यौन शोषण का सामना करना पड़ा।

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अब अदालत के फैसले से मिला कानूनी अंजाम
करीब छह साल पहले सामने आए इस मामले में अब विशेष पॉक्सो अदालत ने प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें आठ सजाएं शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास की हैं। इसके अलावा 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत का यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ गंभीर यौन अपराधों में कठोर दंड का संदेश देता है। नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर बच्चियों को कथित तौर पर निशाना बनाने के इस मामले में अब दोषसिद्धि के बाद आरोपी को लंबी कानूनी सजा का सामना करना होगा।
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रातीबड़ में मिली थीं बच्चियां, काउंसलिंग में खुला था राज
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत जुलाई 2020 में हुई थी। 11-12 जुलाई की दरमियानी रात भोपाल के रातीबड इलाके में पांच बच्चियां नशे की हालत में मिली थीं। उनकी काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि वे शाहपुरा स्थित विष्णु हाईटेक सिटी के फ्लैट में जन्मदिन मनाने के बहाने पहुंची थीं। पुलिस के मुताबिक, बच्चियों ने प्यारे मियां पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद शाहपुरा थाने में मामला दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि बच्चियों में से कुछ के साथ कथित तौर पर पहले भी कई बार यौन अपराध किए गए थे। इसके बाद कई अन्य नाबालिग लड़कियों ने प्रकरण दर्ज कराया था। तीन नाबालिग लड़कियों ने इंदौर में भी केस दर्ज कराया है।
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