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Bhopal: एम्स में पहली बार हुई पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट सर्जरी, कमजोर हृदय के मरीजों होती है इस तरह की सर्जरी

Sun, 29 Dec 2024 06:47 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल स्थित एम्स में पहली बार 20 वर्षीय मरीज की पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट सर्जरी की गई। इस तरह की सर्जरी कमजोर हृदय के मरीजों होती है।
 
 
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मरीज के एम्स के चिकित्सकों की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल स्थित एम्स में लगातार नए-नए प्रयोग किया जा रहे हैं। संस्थान ने एक बार फिर चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है। यहां पहली बार 20 वर्षीय मरीज का पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट सर्जरी से सफल उपचार किया। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार अब मरीज पूरी तरह से ठीक है।
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सांस की तकलीफ और दिल की धड़कन तेज होने से परेशान था मरीज
एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि एक 20 वर्षीय मरीज गंभीर सांस की तकलीफ और दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत के साथ एम्स में भर्ती हुआ। कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के विशेषज्ञों की टीम द्वारा किए गए जांच में पाया गया कि मरीज के दाहिने एट्रियम में गठान तथा दाहिने वेंट्रिकल में कमजोरी है। ओपन हार्ट सर्जरी आमतौर पर हृदय को अस्थायी रूप से रोककर की जाती है, जिसमें हार्ट-लंग मशीन हृदय का कार्य संभालती है। हालांकि, इस गंभीर स्थिति में हृदय को रोककर सर्जरी करना ऑपरेशन सम्बंधित खतरों को बढ़ा देता है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि मरीज का इलाज एक जटिल सर्जरी के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट (धड़कते हृदय में) तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि उसके हृदय के कार्य को स्थिर रखा जा सके।

पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट सर्जरी अत्याधुनिक विधि
एम्स के डायरेक्टर डॉ.अजय सिंह ने इस उपलब्धि के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि यह मामला समय पर हस्तक्षेप और हमारी विशेषज्ञ टीम की उन्नत क्षमताओं का प्रतीक है। हमारी कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग की विशेषज्ञता, हमें इस मरीज को आवश्यक और गंभीर देखभाल प्रदान करने में सक्षम बनाता है। मरीज की सर्जरी पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट तकनीक के साथ सफलतापूर्वक की गई, जो एक अत्याधुनिक विधि है, जो सर्जरी के दौरान हृदय के कार्य को स्थिर रखती है।
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हृदय कमजोर होने पर की जाती है यह सर्जरी
एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि पंप-असिस्टेड बीटिंग हार्ट तकनीक विधि विशेष रूप से उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है जिनका हृदय कार्य कमजोर होता है, जिससे बेहतर परिणाम और शीघ्र सुधार संभव होता है। इस मरीज की सर्जरी कार्डियोथोरेसिक विभाग के प्रमुख डॉ. योगेश निवारिया की देखरेख में किया गया था। सर्जिकल टीम में डॉ. एम किशन, डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम से डॉ. नागभूषणम, पर्फ्यूजनिस्ट टीम से सुषमा और वेदांत, एवं नर्सिंग टीम से पूनम और हंसा भी इस सर्जरी का हिस्सा थी।
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