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Bhopal: हमीदिया में 400 आउटसोर्स कर्मचारी को निकालने से अस्पताल में बढ़ी परेशानी, दोबारा भर्ती करने की तैयारी

Wed, 26 Feb 2025 09:19 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Outsourced Employees: हमीदिया में 400 आउटसोर्स कर्मचारी को निकालने के बाद से अस्पताल में परेशानी बढ़ गई है। वार्डों से आई रिपोर्ट के बाद जीएमसी प्रबंधन एक बार फिर से आउटसोर्स कर्मचारियों की भार्ती करने की तैयारी कर रहा है। 
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पूर्व में की गई आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में जनवरी माह में करीब 400 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। दरअसल इन कर्मचारियों को कोरोना काल में भर्ती किया गया। अब बजट की कमी का हवाला दे कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। लेकिरन आउट सोर्स कर्मचारियों का निष्कासन भारी पड़ गया है। अस्पताल में परेशानी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार अब इन 400 कर्मचारियों को दोबारा भर्ती करने की तैयारी की जा रही है। वार्डों से आई रिपोर्ट के आधार पर जीएमसा ने यह निर्णय लिया है।
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जनवरी में दिखाया था बाहर का रास्ता
जानकारी के लिए बतादें कि जनवरी माह की शुरूआत में गांधी मेडीकल कॉलेज ने चार सौ आउट सोर्स कर्मचारियों को सेवा से निकाल दिया था। इनमें वार्ड ब्वाय से लेकर लैब टैक्नीशियन, कम्प्युटर ऑपरेटर, ओटी टैक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। दरअसल समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण हमीदिया अस्पताल के सभी आउट सोर्स कर्मचारी आंदोलन पर गये थे। दीवाली के समय कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल की थी तब गांधी मेडीकल कॉलेज की नाराजगी बढ़ी थी। इसके बाद ही कर्मचारियों को सेवा से निकालने का क्रम शुरू हुआ था। 31 दिसंबर को चार सौ कर्मचारियों की सेवाएं दिए गए नोटिस के आधार पर खत्म कर दी गई थी।


कर्मचारियों के जाने यह बढ़ी परेशानी
400 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाले के बाद से अस्पताल में उपचार व्यवस्था के लिए विपरीत असर डाल रहा है। हर जगह काम प्रभावित हो रहा है। रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण में प्रतिदिन परेशानियां हो रही हैं। कर्मचारियों की कमी होने अस्पताल में जिन रोगियों की केयर वार्ड ब्वाय को करना चाहिए। वह कार्य परिजनों को संभालना पड़ रहा है। रोगी ही अस्पताल से व्हील चेयर और स्ट्रेचर तलाश रहे हैं। वही रोगी को डाक्टर तक ले जा रहे हैं।
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