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Bhopal: अंबेडकर जयंती पर मुरैना में युवक की हत्या मामले में सियासत, पटवारी और कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशाना

Tue, 15 Apr 2025 05:19 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुरैना में अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के मामले सियासत शुरू हो गई है । पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व सीएम कमलनाथ ने घटना को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। 
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जीतू पटवारी और कमलनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमपी के मुरैना में अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या के मामले सियासत शुरू हो गई है । पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व सीएम कमलनाथ ने घटना को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। जीतू पटवारी ने मृतक दलित संजय के पिता चिम्बन सिंह से वीडियो कॉल पर बात की। पटवारी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे भाजपा सरकार की दलित विरोधी मानसिकता का जीता-जागता प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि भाजपा शासन में दलितों पर हो रहे सिलसिलेवार अत्याचारों की खतरनाक प्रवृत्ति का हिस्सा है।
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भाजपा सरकार में दलित सुरक्षित नहीं
कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुरैना के हिंगोना खुर्द गांव में कल रात अम्बेडकर जयंती के जुलूस पर फायरिंग की गई और दलित समाज के एक युवक संजय पिप्पल की मृत्यु हो गई और एक युवक घायल हो गया। यह घटना एक बार फिर बताती है कि भाजपा की सरकार में दलित सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा की सरकार में बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती पर दलित प्रसन्नतापूर्वक जुलूस भी नहीं निकाल सकते हैं। कमलनाथ ने आगे लिखा कि भाजपा की मानसिकता दलित विरोधी है और दलितों पर अत्याचार करने वालों को भाजपा प्रश्रय देती है।इसी दिन महू के बेटमा में एक दलित दूल्हे की बारात को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। यह सब घटनाएं बता रही हैं कि भाजपा बाबा साहेब के बनाए संविधान के अनुसार सरकार चलाना नहीं चाहती और दलित समाज का उत्पीड़न करना चाहती है।

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देशभर में दलितों पर बढ़ते अत्याचार 
जूतू पटवारी ने अपने आरोपों का आधार बनाने के लिए केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों का भी उल्लेख किया और कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट (2022) के अनुसार  राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र, ये पांच राज्य, जहां भाजपा या उसके सहयोगी दल सत्ता में रहे, सबसे अधिक अपराध दर्ज हुए। मध्यप्रदेश दलितों के खिलाफ अत्याचार में तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2022 में SC समुदाय पर अत्याचार के 3,876 मामले दर्ज किए गए। SC समुदाय के खिलाफ अपराधों में 4.2% की बढ़ोतरी हुई है। हर रोज भारत में औसतन 58 दलितों पर अपराध दर्ज होते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार हाथ पैर हाथ धरे बैठी है। 2021 में मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक दलित युवक रोहित की हत्या सिर्फ इस वजह से कर दी गई थी कि उसने “ऊंची जाति” के लोगों के सामने बैठने की हिम्मत की। 2023 में छतरपुर जिले में एक दलित छात्र को स्कूल में पीटा गया क्योंकि उसने ‘ऊंची जाति’ के छात्रों के साथ भोजन कर लिया था। राजस्थान में कांग्रेस के दलित नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा मंदिर को 'शुद्ध' करने की घटना ने भी भाजपा की दलित विरोधी सोच को उजागर किया।
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यह है मुरैना घटनाक्रम 
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हिंगौना पंचायत के जगमोहन का पुरा का है। जहां अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान बवाल हो गया। दरअसल डीजे बजाने को लेकर अचानक दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया। छोटी सी बात को लेकर शुरू हुए इस विवाद ने मिनटों में हिंसक रूप ले लिया। जिसमें दो पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं दो युवक की घायल हुए हैं। जिन्हें गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया है।

 
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