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Bhopal: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने डीजीपी को लिखा पत्र, MP, MLA को सेल्यूट वाले आदेश को वापस करने की मांग

Sun, 27 Apr 2025 06:57 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

डीजीपी द्वारा सांसद विधायकों को पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा सैल्यूट करने के आदेश को लेकर सियासत छिड़ गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने डीजीपी को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की मांग की हैं। 
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पीसीसी चीफ जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के डीजीपी द्वारा सांसद विधायकों को पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा सैल्यूट करने केआदेश को लेकर सियासत छिड़ गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने डीजीपी को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि अगर गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद जनप्रतिनिधियों को सलामी देगी, तो पुलिस की साख और निष्पक्षता प्रभावित होगी।
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पुलिस की साख और निष्पक्षता प्रभावित होगी
पटवारी ने सांसदों और विधायकों को सलामी देने वाले फैसले पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जिन जनप्रतिनिधियों पर गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं, उन्हें पुलिस द्वारा सलामी देना पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्राथमिक दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, अपराधियों की जांच करना और उनकी जवाबदेही तय करना है, न कि उन्हें सलामी देना। ऐसे आदेश से पुलिसकर्मियों पर अनावश्यक दबाव बनेगा और निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।
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पुलिसकर्मियों का गिर सकता मनोबल
पटवारी ने कहा कि इस आदेश से पुलिसकर्मियों का मनोबल गिर सकता है और जनता में कानून के प्रति विश्वास भी कमजोर हो सकता है। उन्होंने आग्रह किया कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और भविष्य में भी ऐसे निर्णयों से बचा जाए, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हूं ने अनुरोध किया कि प्रदेश में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए इस आदेश को वापस लेने और उचित कार्यवाही करने की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाएं।
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बीजेपी ने भी पटवारी के पत्र पर कसा तंज
पटवारी के पत्र के बाद बीजेपी नेता नरेंद्र सलूजा ने तंज कसते हुए द्वीट किया है कि जीतू का उमंग सिंघार पर निशाना। पुलिस मुख्यालय के जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने के आदेश पर कांग्रेस में जमकर अंतर्कलह। जीतू पटवारी के इस आदेश के विरोध करने के बाद, कल इंदौर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे प्रोटोकॉल बताते हुए इस आदेश का समर्थन कर, पटवारी जी को आईना दिखाया था। इसके बाद आज पटवारी जी ने जवाबी हमला करते हुए पत्र ही जारी कर दिया कि आपराधिक मामलों वाले जनप्रतिनिधि को सलामी नहीं दी जाए। सलूजा ने यह भी लिखा है कि अब सभी को पता है कि आपराधिक मामलों के माध्यम से उनका निशाना सिंघार जी पर ही है। सही कहते हैं पटवारी जी कांग्रेस में गुटबाजी कैंसर है।

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डीजीपी ने दिए थे यह निर्देश
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ शिष्ट व्यवहार में कमी नहीं होनी चाहिए। सांसद और विधायक मिलने आए तो पुलिस अफसरों को प्राथमिकता के आधार पर उनसे मुलाकात कर बात सुननी होगी। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने इसके निर्देश प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को जारी कर इसका पालन करने के लिए कहा है। सभी सांसद, विधायकों को सरकारी कार्यक्रम या सामान्य मुलाकात के दौरान उनका अभिवादन वर्दीधारी अधिकारी और कर्मचारी सैल्यूट करके करेंगे। डीजीपी ने सांसदों, विधायकों के सम्मान को लेकर जारी निर्देश में आठ अलग-अलग परिपत्रों का जिक्र किया है। ये सर्कुलर पुलिस महकमे के अफसरों के लिए 23 जनवरी 2004, 18 मई 2007, 22 मार्च 2011, 24 अक्टूबर 2017, 19 जुलाई 2019, 11 दिसंबर 2019, 12 नवंबर 2021 और 4 अप्रैल 2022 को शासन ने जारी किए हैं।
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