मध्य प्रदेश के किसानों की मूंग खरीदी के सरकार के निर्णय और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना की है और कहा कि 19 महीने में मुख्यमंत्री पहली बार संवेदनशील दिखे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कहा कि यह किसान संघ की नहीं, बल्कि किसानों की असली जीत है काग्रेस की जीत है। मैंने सरकार को मूंग खरीदी के लिए पत्र लिखा था।
समर्थन मूल्य का वादा अधूरा
मुख्यमंत्री को संबोधित ट्वीट में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि गेहूं, धान और सोयाबीन के पूरे समर्थन मूल्य का वादा अधूरा है। किसान के इस हक के लिए भी कांग्रेस निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। मूंग खरीदी के लिए आपको धन्यवाद। एक्स पर ट्वीट कर पटवारी ने कहा कि यह किसानों की जीत है। जिन अफसरों ने मूंग को जहर बताया था, उनको अब किसान की ताकत पता लगी है। किसान संघ किसानों के साथ नहीं खड़ा था। सीएम मोहन पहली बार एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में सामने आए हैं।
किसानों की असली जीत
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह किसान संघ की नहीं, बल्कि किसानों की असली जीत है। मैंने सरकार को मूंग खरीदी के लिए पत्र लिखा था, लेकिन सरकार की विफल नीतियों के कारण किसानों को अर्धनग्न होकर सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सिंघार ने लिखा कि आखिरकार किसानों की एकजुटता और हमारे लगातार संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। जो अधिकारी मूंग की फसल को ‘ज़हर’ बता रहे थे वे आज उसी की खरीदी के आदेश देने को मजबूर हुए।
19 जून से पंजीयन करा सकेंगे किसान
गौरतबल है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात जारी बयान में मूंग खरीदी करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी देते हुए कहा था कि केंद्रीय कृषि मंंत्री से चर्चा के बाद भारत सरकार को मूंग और उड़द खरीदी का प्रस्ताव भेज दिया है। मूंग और उड़द की बोनी करने वाले किसान इसके लिए 19 जून से पंजीयन करा सकेंगे। इस दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग भारत सरकार द्वारा ग्रीष्म कालीन मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8682 रुपए प्रति क्विंटल और उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7400 रुपए प्रति क्विंटल तय है।