भोपाल के चर्चित गोकशी मामले में आरोपी असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा की रिहाई के बाद विवाद फिर गहरा गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) निरस्त होने के बाद असलम के जेल से बाहर आने पर जय मां भवानी हिंदू संगठन ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने पूरे मामले को कमजोर जांच, देरी और लापरवाही का नतीजा बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। संगठन के अध्यक्ष भानू हिंदू ने आरोप लगाया कि मामले की शुरुआत से ही पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि कंटेनर पकड़े जाने के बाद एफआईआर दर्ज करने में 10 दिन से ज्यादा समय लगा। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सैंपल खराब हो गया और पूरे मामले में केवल दो आरोपियों को ही चिन्हित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट में कमजोर चार्जशीट पेश की गई, जिसका फायदा आरोपियों को मिला।