बेइमानी करने वाले लालचखोर अकीदत के सफर हज जैसे मामलों में भी लोगों को धोखा देने से नहीं चूक रहे हैं। शहर में हज और उमराह के नाम पर धोखाधड़ी के मामले पहले भी हो चुके हैं। लेकिन इस बार मुफ्ती ए शहर ऐसे धोखेबाजों का निशाना बन गए हैं।
कोतवाली थाना पुलिस के मुताबिक, शहर मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल कलाम खान कासमी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें बताया कि उनका बुधवारा निवासी शाहनवाज उर्फ शानू से पुराना परिचय है। शानू टूर एंड ट्रैवल्स के नाम से ट्रैवल एजेंसी चलाता था। उसके माध्यम से वह हज यात्रा पर जाने वाले लोगों के वीजा एवं पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। हज पर जाने की मंशा से उन्होंने भी शानू से संपर्क किया था। एक मार्च 2024 को शानू ने बोला कि वह उसके खाते में पांच लाख रुपये भेज दें। उसके बाद वह वीजा, पासपोर्ट बनवा देगा।
मुफ्ती ने पीरगेट स्थित बाम्बे मर्चेंटाइल बैंक की शाखा के अपने खाते से शानू के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से पांच लाख रुपये डाल दिए। रुपये भेजने के 15 दिन बाद भी जब वीजा, पासपोर्ट नहीं बना तो मुफ्ती कलाम ने शानू से पूछताछ करना शुरू कर दी। इस बीच उन्हें शानू की नीयत पर कुछ शक हुआ तो उन्होंने अपने रुपये वापस मांगना शुरू कर दिए। इस पर शानू ने एक लाख एक हजार रुपये ऑनलाइन वापस भेज दिए। बाकी रुपये भी जल्द लौटाने का भरोसा दिया। लेकिन बाद में शानू ने मुफ्ती साहब को फोन रिसीव करना ही बंद कर दिया। साथ ही अपने घर से भी गायब हो गया। शिकायत की जांच के बाद गुरुवार रात पुलिस ने शानू उर्फ शाहनवाज के खिलाफ तीन लाख 99 हजार रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया। गौरतलब है कि शानू इसके पहले भी कुछ लोगों के साथ हज यात्रा के नाम पर ठगी कर चुका है।
शहर में सक्रिय धोखेबाज
हज और उमराह के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले पहले भी हो चुके हैं। कई बार यह हालात भी बने हैं कि ट्रैवल एजेंट ने लोगों से पैसा वसूल कर इन्हें मुंबई या दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलवा लिया। लेकिन वहां उन्हें न तो एजेंट मिला और न सफर के लिए जरूरी दस्तावेज ही, जिसके चलते इन्हें वहां से निराश होकर लौटना पड़ा है।
...भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट