बीते दिनों पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा के निर्देश पर डीसीपी जोन-2 की अगुवाई में बनाई गई क्राइम बांच और पुलिस अधिकारियों की टीम ने भोपाल के दर्जन भर से अधिक स्पा सेंटर्स पर छापा मारा था। इस छापेमारी में एमपी नगर, कमला नगर, बागसेवनिया थाना क्षेत्र के आधा दर्जन स्पा सेंटर्स पर देह व्यापार का खुलासा हुआ और 35 महिलाओं और 33 पुरुष गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर नोटिस देकर पहले ही छोड़ चुकी है। इस मामले में बागसेवनिया थाने में पहले पदस्थ रहे एक पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध मिली है।
बागसेवनिया थाना क्षेत्र स्थित ग्रीन वैली स्पॉ में 22 लड़के और 18 लड़कियां आपत्तिजनक स्थिति में मिली थीं। इस स्पा सेंटर को जिस बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा है, उसके दो पार्टनर हैं। इस स्पा सेंटर की संचालिका को बागसेवनिया थाने में पदस्थ रहे पुलिसकर्मी के कहने पर थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मी पूरी मदद करते थे। पुलिस मुख्यालय भी राजधानी भोपाल में स्पा सेंटर के नाम पर वेश्यावृत्ति किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
इधर, पुलिस आयुक्त ने भी बागसेवनिया, एमपी नगर और कमला नगर थाना प्रभारी से उनके थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर के नाम पर चल रहे देह व्यापार के धंधे का समय रहते पता नहीं लगा पाने को लेकर जवाब तलब किया है। कहा जा रह है कि पुलिस आयुक्त ने एक वरिष्ठ अधिकारी ने तीनों थाना प्रभारियों, जिस क्षेत्र में स्पा सेंटर संचालित हो रहे थे, उस बीट के बीट प्रभारी की पूरी कार्य प्रणाली बनाने को कहा है। माना जा रहा है कि तीनों थाना प्रभारियों की अगर लापरवाही या संदिग्ध भूमिका पाई जाती है तो तीनों पर गाज गिरना तय है।
एक पुलिसकर्मी स्पा संचालिका का करीबी मित्र, वही लीक करता है सूचना
पुलिस की जांच में सामने आया है कि स्पा संचालिका का बेहद करीबी मित्र भोपाल पुलिस में आरक्षक है। वह पहले बागसेवनिया थाने में भी तैनात रहा है। बागसेवनिय थाने से हटाए जाने के बाद अपने दो करीबी दोस्तों के जरिए वह स्पा संचालिका की मदद करता है। यह बात स्पा संचालिका के मोबाइल कॉल डिटेल से उजागर हुई है, जिसके बाद अब तीनों पुलिस आरक्षकों की जांच शुरू करा दी है। बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने स्पा संचालिका को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस छापेमारी में एक स्पा सेंटर से युगांडा की एक युवती भी पकड़ाई है, जो पढ़ाई करने भारत आई थी। वह कोलार रोड स्थित एक कॉलोनी में सहेली के साथ किराये का कमरा लेकर रहती है। जिन स्पा सेंटर में अवैध गतिविधियां संचालित मिली हैं उनमें बागसेवनिया स्थित ग्रीन वैली, एमपी नगर थाना क्षेत्र स्थित मानसरोवर में संचालित मिकासो फैमिली स्पा एंड पंचकर्म सेंटर भी शामिल है।
कर्मचारियों की सूचना नहीं देने वाले स्पा संचालकों पर केस
मिसरोद थाना पुलिस ने स्पा सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की सूचना पुलिस को नहीं देने वाले चार संचालकों के खिलाफ शासकीय आदेश के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। उसके पहले पुलिस टीम ने सेंटरों पर पहुंचकर कर्मचारियों की जांच की थी। मिसरोद पुलिस टीम ने आशिमा मॉल में संचालित स्पा सेंटरों की छानबीन की। यहां पता चला कि संचालकों ने उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी पुलिस थाने में नहीं दी थी, जिससे यह शासकीय आदेश का उल्लंघन माना गया। उसके बाद पुलिस ने सेंटर के संचालक अनिल कुमार, विकास यादव, रविसिंह राजपूत और दीपक भारती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस आयुक्त ने कहा है कि किराएदार-नौकर और कर्मचारियों की सूचना स्थानीय पुलिस थाने में देना अनिवार्य है। इसके साथ ही होटल, लॉज, धर्मशाला, रिसोर्ट के प्रबंधक, मालिक उनके यहं ठहरने वाले व्यक्तियों का व्यक्तिगत विवरण पूर्ण रूप से रजिस्ट्रर में दर्ज करेंगें और इसकी जानकारी निर्धारित प्रारूप में आवश्यक रूप से संबंधित थाने पर जो भी स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया निर्धारित की जाये उसके अनुसार देंगे। ट्रेवल्स एजेंसी अपने वाहन को किसी को भी किराये पर देने के पूर्व उसकी पहचान की तस्दीक करें, स्पा सेंटर, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर पर कार्य करने वाले व्यक्तियों की जानकारी विहित प्रारूप में थाने पर दी जाये साथ ही उनका आईडी प्रूफ भी आवश्यक रूप से लिया जाना चाहिए।