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Bhopal News: भोपाल में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे छात्र संगठन, पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई का विरोध

Fri, 24 Jul 2026 08:17 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को भोपाल में एनएसयूआई ने छात्रों की गूंज अभियान के तहत तिरंगा मार्च निकाला। छात्रों ने पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। 
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भोपाल में तिरंगा मार्च - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के छात्रों की गूंज अभियान के तहत बड़ा तिरंगा मार्च निकाला गया। सैकड़ों छात्र-युवा हाथों में तिरंगा और संविधान लेकर 10 नंबर मार्केट से 11 नंबर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा तक पहुंचे। पूरे रास्ते केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। गांधी प्रतिमा पर पहुंचकर छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और लोकतांत्रिक अधिकारों तथा संविधान की रक्षा का संकल्प लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और युवाओं पर पुलिस कार्रवाई को प्रमुख मुद्दा बनाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने वाले युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई।
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युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती
एआईसीसी कॉर्डिनेटर एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. अंशुल त्रिवेदी ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन छात्रों की गूंज अभियान हर छात्र की आवाज बनकर संघर्ष जारी रखेगा।

पेपर लीक ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगाया
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों ने लाखों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। उनका कहना था कि छात्र निष्पक्ष परीक्षाएं, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों का जवाब लाठीचार्ज से दिया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष राहुल झांसला ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई पूरे देश के युवाओं का अपमान है। यदि सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो देशभर के छात्र लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेंगे।
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संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
युवा कांग्रेस नेता अंकित दुबे ने कहा कि तिरंगा और संविधान देश की आत्मा हैं। छात्रों और युवाओं का यह आंदोलन केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और युवाओं के सम्मान की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि सरकार को दमन की नीति छोड़कर छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। मार्च में एनएसयूआईवऔर युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। पूरे प्रदर्शन के दौरान "पेपर लीक बंद करो, युवाओं को न्याय दो, लोकतंत्र बचाओ और  शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन के अंत में छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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