भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहे पर कॉलेजों के पास संचालित शराब दुकान के विरोध में ABVP कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। छात्रों ने सड़क जाम कर दी, दुकान पर पथराव किया और बोर्ड फाड़ दिया। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। कार्यकर्ताओं ने छात्राओं की सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
राजधानी भोपाल में कॉलेजों के आसपास संचालित शराब दुकान को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। एमएलबी गर्ल्स कॉलेज और एसवी को-एड कॉलेज के पास शराब दुकान चलने से नाराज छात्रों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए सड़क पर उतरकर विरोध जताया। बुधवार दोपहर पॉलिटेक्निक चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने राजा भोज सेतु से लेकर चौराहे तक सड़क जाम कर दी। अचानक हुए इस प्रदर्शन से ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया और लंबी दूरी तक वाहनों की कतारें लग गईं। आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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प्रदर्शन उग्र, पुलिस से हुई झड़प
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब बिगड़ गया जब कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं थे, जिससे कुछ देर तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शराब दुकान को निशाना बनाते हुए उसके बोर्ड पर चढ़कर उसे फाड़ दिया। इसके साथ ही दुकान पर पथराव भी किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दुकान को नुकसान पहुंचा।
नियमों के उल्लंघन का आरोप, 100 मीटर दायरे पर सवाल
ABVP की पदाधिकारी शालनी वर्मा ने आरोप लगाया कि संबंधित शराब दुकान शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में संचालित हो रही है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन पर इस मामले में लापरवाही और मिलीभगत के आरोप भी लगाए।
छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर चिंता
संगठन का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आई हैं। आरोप है कि शराब के नशे में लोग छात्राओं को परेशान करते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। इसी वजह से छात्रों का आक्रोश बढ़ा और प्रदर्शन उग्र हो गया।कार्यकर्ताओं ने बताया कि पहले कई बार शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर शराब दुकान हटाने की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। मामले में प्रशासन की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत की गई है और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों ने जांच कर जल्द उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।