भोपाल में वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 60 स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम, लार्वा नष्टीकरण और लोगों से प्रभावी संवाद करने की जानकारी दी गई।अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर जमा पानी की जांच करें, लार्वा मिलने पर उसे तुरंत नष्ट करें और लोगों को मच्छरों से बचाव के उपाय समझाएं।
राजधानी भोपाल में मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 60 स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा के निर्देशन और जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के सहयोग से संचालित एंबेड परियोजना तथा फैमिली हेल्थ इंडिया की सहभागिता रही।
विज्ञापन
डेंगू और मलेरिया पर सीधा प्रहार
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी संवाद और व्यवहार कौशल से मजबूत बनाना रहा। उन्हें सिखाया गया कि किस प्रकार समुदाय में जाकर घरों की जांच करें, जमा पानी में लार्वा की पहचान करें और उसे तुरंत नष्ट करने की प्रक्रिया समझाएं। डॉ संतोष भार्गव ने बताया कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को जागरूकता और सतर्कता से रोका जा सकता है। यदि हर व्यक्ति अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देगा तो मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जा सकती है।
अभ्यास के जरिए मजबूत तैयारी
प्रशिक्षण सत्रों में प्रस्तुति, चार्ट, समूह चर्चा और गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों को व्यवहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण समन्वयक रत्नेश सिंह, कृष्णा पटेल और भूमिका साहू ने अलग-अलग समूहों में प्रशिक्षण देकर उन्हें क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार किया।
जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव ने निर्देश दिए कि जहां भी लार्वा मिले, उसे तुरंत नष्ट किया जाए। कूलर, गमले, टंकियों और अन्य जल पात्रों की नियमित सफाई पर विशेष जोर दिया गया।
लक्षण पहचानें, तुरंत जांच कराएं
जिला मलेरिया सलाहकार रुचि सिलाकारी और मलेरिया निरीक्षक उर्मिला सिंह ने डेंगू और मलेरिया के लक्षणों की जानकारी दी। तेज बुखार, बदन दर्द या कमजोरी होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह अभियान अब तेज किया जाएगा और स्वयंसेवक घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगे, ताकि आने वाले मौसम में डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।