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Bhopal News: बड़े तालाब पर बढ़ा अतिक्रमण, सांसद की फटकार, अतिक्रमण हटाने अफसरों को एक हफ्ते की दी डेडलाइन

Mon, 23 Feb 2026 06:28 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल में बड़ा तालाब को अतिक्रमण और प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए सांसद आलोक शर्मा ने बैठक बुलाकर अधिकारियों से सख्त जवाब मांगा। कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने एसडीएम को एक हफ्ते में प्रमुख अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए और साप्ताहिक समीक्षा की घोषणा की। 
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कलेक्टर कार्यालय में बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल की जीवनरेखा बड़ा तालाब को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई उच्च स्तरीय बैठक में प्रशासन की कार्यशैली कटघरे में आ गई। बैठक सांसद आलोक शर्मा की पहल पर बुलाई गई थी, जहां अतिक्रमण और प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया गया। बैठक में जब कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने एसडीएम से पूछा कि तालाब किनारे कितना अतिक्रमण शेष है, तो अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। तीनों एसडीएम ने माना कि टीएंडसीपी के नक्शे के अनुसार मार्किंग तक पूरी नहीं हो पाई। इस पर कलेक्टर ने एक हफ्ते की मोहलत देते हुए निर्देश दिए कि बड़े और स्पष्ट अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं। अब हर सप्ताह समीक्षा बैठक होगी।
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31 से सिमटकर 8-9 वर्ग किमी रह गया
सांसद ने कहा कि कभी 31 वर्ग किलोमीटर के भराव क्षेत्र वाला बड़ा तालाब अतिक्रमण और सूखे के कारण तेजी से सिमट रहा है। गंदे नालों का पानी सीधे तालाब में मिल रहा है, जबकि शोधन संयंत्रों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने पूछा कि कितने नाले रोके गए और कितने अब भी प्रदूषण फैला रहे हैं।

अवैध निर्माण और फार्म हाउस पर सख्ती
तालाब किनारे अवैध फार्म हाउस और पक्के निर्माण पर भी सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल अतिक्रमण नहीं, बल्कि भोपाल की ऐतिहासिक जल धरोहर पर हमला है। कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
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हरित न्यायाधिकरण के आदेशों पर सवाल

सांसद ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के पालन की स्थिति पूछी और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी तंत्र बनाने को कहा। भदभदा क्षेत्र में शेष झुग्गियों को लेकर भी जवाब मांगा गया।
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नया सर्वे और मास्टर प्लान
बैठक में स्पष्ट संकेत दि
ए गए कि बड़ा तालाब का नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा और मास्टर प्लान तैयार होगा। उद्देश्य है तालाब का स्रोत क्षेत्र सुरक्षित रहे, सीवेज पूरी तरह रोका जाए और भविष्य में कोई अवैध निर्माण न हो। बड़ा तालाब पर अब ढिलाई नहीं चलेगी। एक हफ्ते में कार्रवाई दिखनी चाहिए, वरना जवाबदेही तय होगी।
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