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Bhopal News: फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट केस में CMHO से 24 घंटे में दस्तावेज तलब,2 डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई

Wed, 04 Feb 2026 06:33 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल में फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट के मामले में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षेत्रीय संचालक ने सीएमएचओ से 24 घंटे में एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग और पेरेन्टल अरनव अस्पताल के सभी दस्तावेज तलब किए हैं। एनएसयूआई की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई है। 
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संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एमपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के स्वास्थ्य विभाग में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की क्षेत्रीय संचालक ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) भोपाल से एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग और उससे संबद्ध पेरेन्टल अरनव अस्पताल के पंजीयन से जुड़े सभी दस्तावेज 24 घंटे के भीतर पेश करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। यह कार्रवाई एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों ने फर्जी और कूटरचित भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर शासन को गुमराह किया और इसके जरिए निजी संस्थानों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
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दो डॉक्टरों पर गिरेगी गाज
प्रारंभिक जांच में डॉ. रितेश रावत और डॉ. अभिषेक सेन की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सूत्रों के मुताबिक फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट मामले में दोनों अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही विभागीय और कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। एनएसयूआई ने मांग की है कि दोषी पाए जाने पर तत्काल निलंबन और एफआईआर दर्ज की जाए।

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सीएमएचओ कार्यालय की भूमिका भी सवालों में
रवि परमार ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा की मिलीभगत के चलते राजधानी भोपाल में लगातार फर्जी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक दोषी अधिकारियों को संरक्षण मिलना यह दर्शाता है कि पूरे मामले में उच्च स्तर पर भी भूमिका हो सकती है।
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यह जनता और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
परमार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फर्जी निरीक्षण और कूटरचित दस्तावेज न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम जनता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। 
 
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