एमपी में सरकार द्वारा धार्मिक नगरों में शराबबंदी के फैसले पर सियासत शुरू हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघाऱ ने सरकार को घेरा है। सिंघार ने कहा प्रदेश में सभी जगह शराब बंद हो, जबकि पटवारी ने कहा कि धार्मिक नगरियों में यदि शराब बंद करना था तो सबसे पहले उज्जैन में करते। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इससे पहले नर्मदा किनारे शराबबंदी का फैसला लिया गया था, लेकिन नर्मदा किनारे एक गांव नहीं है जहां पर अवैध या वैध शराब नहीं बिक रही हो। धार्मिक नगरियों में यदि शराब बंद करना था तो सबसे पहले उज्जैन में करते।
बताएं कि कब आदेश निकलेगा ?
मुख्यमंत्री के धार्मिक नगरियों में शराबबंदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं जब उज्जैन गया था, तब कहा था कि मुख्यमंत्री को महाकाल की धार्मिक नगरी उज्जैन से ही शराबबंदी की शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जब मुख्यमंत्री ऐसी बात कह रहे हैं, ये सिर्फ कहने से नहीं होगा, वो बताएं कि कब आदेश निकलेगा ? उन्होंने कहा कि सिर्फ धार्मिक नगरी ही क्यों मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश में शराबबंदी क्यों नहीं करना चाहते। उमंग सिंघार ने कहा कि वो कुछ जिलों को क्यों छोड़ना चाहते हैं। क्या गुजरात शराब जाए इसलिए छोड़ना चाहते हैं । उन्होंने कहा मेरी मांग है कि अगर प्रदेश की जनता के लिए निर्णय करना है, तो धार्मिक नगरी के साथ साथ सभी जगह शराबबंदी होनी चाहिए, ताकि नेताओं को शराब से जो पैसा आ रहा है वो बंद हो।