मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस भोपाल के रंगमहल चौराहे पर सोमवार सुबह 11 बजे किसानों को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर विधानसभा का घेराव करेगी। घेराव की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि लाड़ली बहना, किसान सम्मान निधि जैसी फ्री-बीज़ योजनाओं को बीजेपी खुद सुप्रीम कोर्ट जाकर बंद करवा देगी। बिहार विधानसभा चुनाव के एक महीने बाद ही ये योजनाएं बंद हो सकती हैं। वर्मा ने कहा कि बिहार के चुनाव सामने हैं। इसलिए ये फ्री-बीज की एक नई पॉलिसी लेकर आ रहे हैं। चूंकि, बीजेपी को बिहार का चुनाव जीतना है। वैसे कई राज्यों में वह जीत चुकी है। चूंकि, लाड़ली बहना और महाराष्ट्र सहित तमाम ऐसी स्कीम एक्सपोज हो गई हैं। इसलिए फ्री-बीज की एक नई पॉलिसी ला रहे हैं।
सिर्फ भाषणों से नहीं होगा किसानों का सशक्तिकरण
वर्मा ने कहा कि किसान कांग्रेस के नेतृत्व में कल विधानसभा का घेराव किया जाएगा। मैं देखता हूं कि जब भी किसान का मामला आता है तो हम शहर वाले लोगों को लगता है कि कहां बात हो रही है? जबकि इस देश में 60 प्रतिशत आबादी किसान की है। हम पल बढ़ रहे हैं तो उसके पीछे किसान हैं। सिर्फ मोदी जी और मोहन यादव के भाषण देने से किसान का सशक्तिकरण और किसान मजबूत नहीं हो सकता। हमारी बहुत लंबे समय से मांग है कि गेहूं का भाव 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। बीजेपी ने 26 सौ रुपए में गेहूं खरीदी कराने की घोषणा की है। उन्होने कहा कि अखबार उठाकर देख लीजिए कल इंदौर की मंडी में 3 हजार से 3100 रुपए क्विंटल गेहूं व्यापारी ने खरीदा है तो सरकार 2600 रुपए पर खरीदकर किसान को क्या ठगना चाहती है। किसान की 3 हजार की मांग वाजिब है। किसान ज्यादा पैसे के लालच में व्यापारी को बेचता है। कई बार कुछ फर्जी व्यापारी किसानों का करोड़ों रुपए गेहूं खरीदकर गायब हो जाते हैं। इसलिए हम दबाव डालते हैं कि सरकार 3 हजार रुपए गेहूं का मूल्य करें। ये पूरी कांग्रेस पार्टी चाहती है।
बाबा रामदेव को 50 एकड़ जमीन दी
सज्जन वर्मा ने कहा कि 5 साल पहले जब इन्वेस्टर्स मीट हुई थी। तब पतंजलि के फूं-फां करने वाले बाबा रामदेव को 50 एकड़ जमीन दी गई थी। उन्होंने कहा था हम 500 करोड़ रुपए खर्च करेंगे। पीथमपुर में आप देखिए एक कौड़ी खर्च नहीं की। इतना बड़ा उदाहरण होने के बाद भी इस इन्वेस्टर्स समिट के आरंभ में ही अधिकारी दौड़ते हुए जाते हैं और बाबा रामदेव के साथी बालकृष्ण को 432 एकड़ जमीन देने का लेटर देकर आ गए। इतना तो अंधा भी समझता है कि 50 एकड़ जमीन देने पर कुछ नहीं किया। अब 432 एकड़ जमीन इसलिए दी ताकि आंकडे बढ़े हुए दिखे। हमारा ये मुद्दा रहेगा कि पिछली सात-आठ इन्वेस्टर्स मीट में जो एमओयू हुए थे उनमें से कितने धरातल पर उतरे और इस बार की समिट में जो एमओयू हुए उनमें से कितने लोगों ने आगे एग्रीमेंट किया? दिग्विजय सिंह जब मुख्यमंत्री थे। तब मैं मंत्री हुआ करता था। बजट सत्र 75 दिन चलता था। अभी तो मैं समझता हूं कि 5-6 दिन में ही खत्म कर देंगे।