जबलपुर में एनआईए और मप्र एटीएस की छापेमारी में गिरफ्तार अधिवक्ता ए. उस्मानी का बेटा ही मध्य प्रदेश में आईएसआईएस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है। उसने जबलपुर क्षेत्र में आईएसआईएस का नेटवर्क खड़ा किया है। उसने कई युवाओं को गजवा-ए-हिंद के तहत आतंकी गतिविधियों से जोड़ा है। जबलपुर से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों की एनआईए से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आईएसआईएस से जुड़े ये आतंकी 2050 तक भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की साजिश के तहत आतंकी गतिविधियों में लिप्त थे। इसी मकसद से कट्टर युवाओं को अपने संगठन में जोड़ रहे थे।
गिरफ्तार तीनों संदिग्ध आतंकवादी जबलपुर क्षेत्र के कई युवाओं को अपने साथ जोड़ चुके हैं। ये संदिग्ध आतंकी शहर में रहकर युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे थे। इनकी तीन चरण में लक्ष्य हासिल करने की योजना थी। ये समूह बनाकर युवाओं को जोड़ रहे थे। लव जिहाद के लिए ये हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते और उनसे दोस्ती करने के बाद उनका शोषण करते थे। हालांकि, अभी तक कोई युवती इस संगठन से जुड़े युवाओं के खिलाफ मामला दर्ज कराने सामने नहीं आई है।
बता दें, एनआईए के साथ मप्र एटीएस ने शुक्रवार रात छापेमारी कर जबलपुर से सैयद ममूर अली, मोहम्मद आदिल खान और मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार कर शनिवार को भोपाल एनआईए कोर्ट में पेश किया था। जहां से पूछताछ के लिए तीनों को तीन जून तक मप्र एटीएस को सौंपा गया है।
कई युवाओं ने अफगानिस्तान में लिया प्रशिक्षण
आईएसआईएस से विशेष समुदाय के स्मार्ट दिखने वाले युवाओं को ही जोड़ा जा रहा था। इस संगठन से जुड़े संदिग्ध हिंदू लड़कियों को प्यार में फंसाकर उन्हें गर्भवती कर छोड़ने की योजना पर काम कर रहे थे। कई युवाओं ने अफगानिस्तान जाकर प्रशिक्षण लिया है। गिरफ्तार संदिग्धों से जब्त किए गए फोन में उनकी अधिकतर महिला मित्र जैन और ब्राह्मण समाज की हैं।
आदिल के कब्जे से राइफल व कारतूस मिले
आदिल के कब्जे से प्रतिबंधित एसएलआर राइफल और कारतूस मिले हैं। ये संदिग्ध आतंकी ओमती स्थित पेशकारी मस्जिद में बैठक करते थे। ज्ञात हो कि तीनों को एटीएस ने तीन जून तक की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रह है। एनआईए के प्रवक्ता के अनुसार अगस्त 2022 में आरोपी मोहम्मद आदिल खान का नाम जांच एजेंसी की जानकारी में आया था। तब से उसकी जांच की जा रही थी। आईएसआईएस समर्थक गतिविधियों की जानकारी मिलते ही एनआईए ने 24 मई को मामला दर्ज किया। यह मॉड्यूल स्थानीय मस्जिदों और घरों में बैठकें करता था और देश में आतंक फैलाने की साजिशें रच रहा था। खान कई यूट्यूब चैनल्स, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप ग्रुप चला रहा था।
अबू सलेम की पैरवी करने वाले वकील से होगी पूछताछ
एनआईए ने सिविल लाइन इलाके के सुप्रीम प्लाजा अपार्टमेंट में रहने वाले एडवोकेट नईम खान को नोटिस देकर भोपाल बुलाया है। खान अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के मामले में पैरवी कर चुके हैं। एनआईए की टीम नईम के घर रात में ही पहुंची थी। 25 से 30 अफसरों ने घर की तलाशी ली। उनके बेटे के बारे में भी जानकारी ली। एनआईए ने नईम खान को नोटिस देकर कहा है कि वे अपने बेटे को लेकर भोपाल स्थित एनआईए ऑफिस पहुंचें, उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। बताया जाता है कि एनआईए उनसे पूछताछ करेगी।
उस्मानी भाईयों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज
जबलपुर से मिली रिपोर्ट के अनुसार प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन सिमी के कार्यकर्ताओं के अधिवक्ता उस्मानी भाईयों सहित अन्य के खिलाफ एनआईए ने ओमती पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। ओमती पुलिस ने एनआईए की शिकायत पर आर्म्स एक्ट तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है।
जबलपुर के पुलिस अधीक्षक टीके विद्यार्थी से प्राप्त जानकारी के अनुसार एनआईए ने शुक्रवार देर रात ओमती निवासी अधिवक्ता ए. उस्मानी के घर दबिश दी थी। इस दौरान अधिवक्ता उस्मानी, उनके भाई अधिवक्ता अमानुददीन व पुत्र अहरम ने विवाद करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। इसके अलावा एनआईए की टीम को जांच के दौरान उनके घर से अवैध कारतूस मिले थे। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दो एफआईआर दर्ज की हैं। अपराध में अधिकतम सजा सात साल से कम होने के कारण उन्हें थाने से जमानत प्रदान की गई।