आधा दर्जन से अधिक वाहनों को मारी थी टक्कर
टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल को संचालिक करने वाली एजुकेशन सोसायटी ने कार्रवाई से बचने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी कर फर्जीवाड़ा किया है। जांच में इसका खुलासा हो चुका है। एजुकेशन सोसायटी ने स्टांप पर शपथ-पत्र बनवाकर पुलिस को सौंपा था, ताकि बस के क्रेता को ही आरोपी बनाया जाए, लेकिन जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रदीप पाण्डेय को भी आरोपी बनाया गया है।
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इस मामले में भोपाल आरटीओ जितेन्द्र शर्मा को लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सोमवार रात ही निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, एक्सीडेंट करने वाली स्कूल बस का फिटनेश और बीमा दोनों एक्सपायर थे। इसके बाद भी बस सड़क पर दौड़ रही थी।
एक दिन में 410 बसों की हुई जांच, 126 के खिलाफ कार्रवाई
राजधानी भोपाल में एक निजी स्कूल की बस द्वारा आधा दर्जन से अधिक वाहनों को टक्कर मारने वाली घटना के बाद मंगलवार को दिन भर यातायात पुलिस ने स्कूल और कॉलेज के बसों की जांच की। ट्रैफिक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को भोपाल जिले में 19 स्थानों पर स्कूल व कॉलेज बसों की जांच की गई। 19 टीमों द्वारा 410 स्कूल-कॉलेज बसों की जांच की गई, जिनमें 126 में कमियां मिलने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। कुछ वाहनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। यातायात पुलिस की यह कार्रवाई इस बसों के खिलाफ 31 मई तक लगातार चलती रहेगी।