राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में नकल रोकने विशेष प्रयोग किया है। सोमवार मंगलवार चली पीएचडी प्रवेश के लिए आफलाइन परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराई गई। दरअसल विद्यार्थियों के ओएमआर शीट के नीचे एक कार्बन लगाया गया था जिसके नीचे एक पेज लगा था वह पेज विद्यार्थियों को दिया है ताकि कोई चैलेंज ना किया जा सके। जानकारी के लिए बता दें कि आरजीपीवी यूटीडी सहित सात कालेजों की 17 ब्रांच की 645 पीएचडी की सीटों पर प्रवेश कराने के लिऐ ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन किया है। इस परीक्षा के लिए सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की गई थी। आरजीपीवी कैंपस में बने तीन केंद्रों पर पुलिस का पहरा लगा रहा। वहीं उनकी निगरानी करने के लिऐ पूर्व आईपीएस अफसरों को तैनात किया गया था। यह परीक्षा सोमवार और मंगलवार को ली गई जिसमें 40 फ़ीसदी विद्यार्थियों ने सहभागिता दिखाई। जानकारी के लिए बता दें कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए 1140 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था।
परीक्षा में गड़बडी रोकने का प्रयास
दरअसल पीएचडी परीक्षा आफलाइन होने के कारण विद्यार्थियों को ओएमआर दी गई थी। ओएमआर के पीछे एक कार्बन कॉपी लगी हुई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी विद्यार्थी को पेपर के साथ कार्बन कॉपी भी दी गई। इससे वे घर पहुंचकर अपनी अस्थायी रिजल्ट भी तैयार कर सकेंगे। इसके अलावा उनके पास इस परीक्षा में प्रश्न हल करने का प्रमाण भी रहेगा। इसमें कोई बड़बड़ी होती है, तो वे कार्बन कॉपी को दिखाकर अपनी आपत्ति तक दर्ज करा सकेंगे।
पुलिसकर्मियों को किया तैनात
परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हो आरजीपीवी मे कड़े सुरक्षा के इंतजाम किया गया था। इसमें गांधी नगर थाना से पुलिसकर्मियों को सभी परीक्षा केंद्र पर तैनात करा दिया गया था। वहीं सभी विद्यार्थी ही हरकत पर नजर रखने के लिऐ पूर्व आईपीएस अधिकारियों का नियुक्त किया गया था। प्रत्येक केंद्र पर पर्यवेक्षक पदस्थ किए गए। परीक्षा में मोबाइल को प्रतिबंधित किया गया था।
परीक्षा की कराएगी वीडियोेाग्राफी
आरजीपी के परीक्षा कंट्रोलर प्रशांत जैन ने बताया कि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षा देने ना पहुंच जाए इसके लिए पूरी परीक्षा की वीडियोग्राफी कराई गई है। सभी केंद्रों की वीडियोग्राफी कराई गई है। अगली कार्रवाई में वीडियोग्राफी से देखकर विद्यार्थियों का मिलान किया जाएगा। इस परीक्षा का समय दोपहर साढे तीन से शाम साढ़े पांच बजे तक का रखा गया था। दो घंटे की परीक्षा में विद्यार्थियों को 85 प्रश्न हल करने के लिए दिए गए थे। पूरी परीक्षा में करीब 1140 विद्यार्थियों को शामिल होना था, लेकिन परीक्षा देने के लिऐ चालीस फीसदी विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।