राजधानी भोपाल में फर्जी क्लीनिक और नर्सिंग होम की संख्या बढ़ती जा रही है। इसे लेकर एनएसयूआई ने इसकी शिकायत भोपाल सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी से की है। और भोपाल जिले में फर्जी नर्सिंग होम (अस्पताल) और क्लीनिकों की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। रवि परमार ने प्रशासन से इस पर शीघ्र संज्ञान लेने और एक जांच समिति गठित कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की परमार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए , तो NSUI जनहित में बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
बिना पंजीयन के चल रहे नर्सिंग होम
रवि परमार ने बताया कि भोपाल में कई निजी नर्सिंग होम और क्लिनिक बिना उचित पंजीकरण और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों के संचालित हो रहे हैं। संगठन को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि अयोग्य डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी जा रही है, जो चिकित्सा मानकों का खुला उल्लंघन है और भोपाल के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है ।
अस्पतालों का निरीक्षण करेगी एनएसयूआई
रवि परमार ने बताया कि अस्पतालों के डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की जानकारी और सूची पहले ऑनलाइन पोर्टल पर सार्वजनिक की जाती थी। लेकिन अब उसको हटा दिया जिससे अस्पतालों में गड़बड़ियां करने के लिए खूली छूट मिल चुकी हैं । इसलिए पहले की तरह यह जानकारी सार्वजनिक की जाए। परमार ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों की अस्पताल में गड़बड़ी , गलत उपचार और अवैध वसूली की शिकायत मिली और शिकायत सही पाई गई तो हमारी टीम अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी ।
NSUI की प्रमुख मांगें
1. भोपाल के सभी निजी नर्सिंग होम और क्लीनिक की सत्यता की गहन जांच की जाए।
2. अवैध और अपंजीकृत रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों पर सख्त कार्रवाई हो।
3. बिना मान्यता प्राप्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा दी जा रही सेवाओं को तुरंत बंद किया जाए।
4. मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नर्सिंग होम एक्ट के सभी मानकों का पालन किया जाए।
5. डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक की जाएं ।