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Bhopal Double Murder Case: दोपहर में बनने थे तलाक के पेपर, सुबह पत्नी और साली की हत्या, सुसाइड नोट से खुलासा

Wed, 04 Dec 2024 10:30 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में पत्नी और साली का मर्डर करने का आरोपी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अपने बिगड़ चुके रिश्ते को लेकर सुलह की कोशिश में था। परिवार वाले भी एएसआई और उसकी पत्नी के बीच काउंसिलिंग का प्रयास कर रहे थे।
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भोपाल दोहरा हत्याकांड - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह चाकू से गोदकर पत्नी और साली की हत्या करने वाले एएसआई योगेश मरावी को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी एएसआई मरावी की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे उसने अपने पिता के नाम लिखा था। सुसाइड नोट से पूरे मामले की कहानी ही पलट गई है।

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सुसाइड नोट में एएसआई योगेश मरावी ने लिखा है कि उसकी पत्नी बार-बार समझाने के बाद न तो उसके साथ रहती थी और न ही मायके में रहती थी। वह मना करने के बाद भोपाल में रहने वाली खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर साली के साथ पिछले छह साल से रह रही थी। सुसाइड नोट में लिखा है कि उसे लगता है कि उसकी पत्नी के एक उप निरीक्षक 'एसआई' के साथ अवैध संबंध हैं, जिसके कारण वह भोपाल में रहती है। उप निरीक्षक ग्वालियर जोन में पदस्थ बताया जाता है।

सुसाइड नोट को लेकर पूछताछ में एएसआई योगेश मरावी ने बताया कि पत्नी और साली की हत्या के बाद वह उप निरीक्षक की भी हत्या करने की साजिश में था। लेकिन भोपाल में घटना के बाद कुछ ऐसा हुआ कि वह वापस मंडला आ गया। यहां वे से वह पत्नी के कथित प्रेमी उप निरीक्षक की हत्या करने के बाद खुद आत्महत्या कर लेता। हालांकि, पुलिस उसकी इस कहानी को बचाव के लिए एक हथकंडे के रूप में भी देख रही है।
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घटना वाले दिन ही तलाक के दस्तावेज होने वाले थे साइन
भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि योगेश मरावी मंडला में पदस्थ है। उसकी पत्नी विनीता मरावी (38) अपनी 35 वर्षीय बहन मेघा उइके के साथ भोपाल के ऐशबाग में रहती थी। मेघा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में सहासक संचालक थी। विनीता और योगेश की शादी करीब 16 साल पहले हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं होने के कारण पारिवारिक विवाद होता रहता था, इस कारण विनीता करीब छह साल से छोटी बहन मेघा के साथ भोपाल में रह रही थी। दोनों के परिवार विवाद शांत कराकर एक साथ रहने के लिए दोनों को समझाते रहे, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। इसके बाद कुछ दिन पहले ही दोनों परिवारों के लोग बालाघाट में बैठक कर यह तय किया कि दोनों का तलाक करा दिया जाए।

चार दिन पहले भी आया था पत्नी से मिलने मरावी
डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने बताया कि योगेश मरावी मंगलवार को भोपाल में एक विभागीय बैठक का हवाला देकर किराये की कार से भोपाल आया था। वह अपना फोन मंडला में रखकर आया था कि लोकेशन ट्रैस न हो सके। चार दिन पहले भी वह आया था और विनीता से मिलने के लिए कमरे पहुंचा था। विनीता ने दरवाजा नहीं खोला, उसे आशंका थी कि तलाक की बात सामने आने के बाद वह गुस्से में है। इसके बाद एएसआई योगेश ने युक्ति निकाली की घर में काम करने वाली सुबह जब आवाज लगाकर दरवाजा खुलवाली है, उसी समय घर में प्रवेश किया जा सकता है। इस कारण वह कल सुबह से घर के पास ही था, जैसे ही उसकी साली के यहां काम करने वाली नौकरानी दिखी, उसके पीछे-पीछे चलने लगा। नौकरानी ने दरवाजा खुलवाया तो योगेश धक्का देकर अंदर घुस गया।

तलाक की पटकथा के पीछे साली को मानता था जिम्मेदार
एएसआई योगेश ने सुसाइड नोट में लिखा है कि जबसे उसकी शादी हुई है, तब से विनीता कुछ ही दिनों तक उसके पास रही। वह जब भी पत्नी के लाने के लिए जाता है तो उसकी बहन और मां कोई न कोई अड़ंगा लगा देते हैं। इसलिए वह दोनों की हत्या करने के बाद खुदकुशी कर लेगा। पिछले छह महीने से दोनों में विवाद अधिक बढ़ गया था। वह विनीता को अपने साथ रखना चाहता था, लेकिन विनीता उसके साथ नहीं रहना चाहती थी। 

वह विनीता से बात करना चाहता था, लेकिन पत्नी ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। साली मेघा उइके भी फोन पर बात नहीं कराती थी। एएसआई को लगता था कि उसकी पत्नी विनीता को साली मेघा ही तलाक देने के लिए उकसा रही है। मंगलवार को दोनों के तलाक के कागज पर साइन होने वाले थे। वह तलाक के कागज तैयार होने से पहले पत्नी को साथ ले जाना चाहता था। साथ नहीं जाने की स्थिति में पत्नी और साली की हत्या कर दी।

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