करोड़ों रुपए से विकसित भोपाल का सैर सपाटा रखरखाव के अभाव में बदहाल हो रहा है। किड जोन, होटल, बार, फूड जोन समेत कई प्रमुख सुविधाएं लंबे समय से बंद हैं, जबकि पर्यटकों से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। सुविधाएं घटने से पर्यटकों की संख्या और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की आय पर भी असर पड़ा है।
मध्य प्रदेश सरकार लगातार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की प्रयास कर रही है वहीं दूसरी तरफ राजधानी का प्रमुख पर्यटन स्थल सैर-सपाटा रखरखाव के अभाव में धीरे-धीरे बदहाल होता जा रहा है। करोड़ों रुपए खर्च कर विकसित किए गए इस पर्यटन केंद्र में कई प्रमुख सुविधाएं लंबे समय से बंद पड़ी हैं। बच्चों के किड जोन से लेकर होटल और फूड से जुड़ी सुविधाओं तक का संचालन प्रभावित है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की आय पर भी असर पड़ रहा है।
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सुविधाएं कम, शुल्क में कोई राहत नहीं
सैर सपाटा में आने वाले पर्यटकों से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन अंदर पहुंचने के बाद कई सुविधाएं बंद मिलती हैं। ऐसे में पर्यटकों को शुल्क के बदले पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। फूड जोन और खाने-पीने की सुविधाएं भी लगभग बंद हैं। परिसर में चलने वाला होटल,बार भी पूरी तरह बंद पड़ा है। फिलहाल कुछ निजी दुकानें ही संचालित हो रही हैं।
मेंटेनेंस नहीं होने से सुविधाएं हो रहीं खराब
सैर सपाटा में जो सुविधाएं अभी संचालित हैं, उनमें भी नियमित रखरखाव का अभाव दिखाई दे रहा है। समय पर मरम्मत और मेंटेनेंस नहीं होने से व्यवस्थाएं धीरे-धीरे खराब हो रही हैं। इसका सीधा असर पर्यटकों के अनुभव पर पड़ रहा है। पहले जहां यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे, वहीं अब लगातार पर्यटकों की रुचि कम होती नजर आ रही है। सैर सपाटा में सुविधाओं के लगातार बंद होने का असर विभाग की कमाई पर भी पड़ रहा है। पर्यटकों की संख्या घटने से आय कम हुई है। स्थिति यह है कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है और इसका अतिरिक्त भार निगम पर पड़ रहा है।
24 एकड़ में बना प्रमुख पर्यटन केंद्र
भदभदा चौराहे के पास बड़ी झील के किनारे करीब 24 एकड़ में फैला सैर सपाटा भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। परियोजना का भूमि पूजन 27 मई 2008 को हुआ था। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इसे विकसित किया और 29 सितंबर 2011 को इसका लोकार्पण हुआ। यहां 183 मीटर लंबा सस्पेंशन ब्रिज प्रमुख आकर्षण है। इसके अलावा समय के साथ म्यूजिकल फाउंटेन, टॉय ट्रेन, फूड जोन और बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजन गतिविधियां भी शुरू की गई थीं। अब रखरखाव के अभाव में यही सुविधाएं एक-एक कर बंद होती जा रही हैं। पर्यटकों से शुल्क पूरा लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं लगातार कम होती जा रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपए से तैयार किए गए सैर सपाटा को बेहतर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेगा।