राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में जिस बी-टेक पास युवक उदित गायकी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसका आरोप दो पुलिसकर्मियों पर लगा है। उदित बेंगलुरु में आठ लाख के पैकेज की नौकरी को मना करके आया था। पर घऱवालों की समझाइश के बाद वह बेंगलुरु में जॉइन करने जाना वाला था। लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों द्वारा पीट-पीट कर उदित गायकी की हत्या नहीं की जाती तो वह आज बेंगलुरु में आठ लाख के पैकेज पर नौकरी पर होता। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि मृतक के परिजनों ने मीडिया और पुलिस अधिकारियों को बताया कि हम लोगों के समझाने के बाद वह आठ लाख सालाना के पैकेज में इंदौर की एक कंपनी में नौकरी करने को तैयार हो गया था। शुक्रवार को जिस समय भोपाल एम्स में उसका पांच चिकित्सकों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा थाए उस समय उसको बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन में होना था। उसके दोस्तों ने बताया कि ट्रेन का टिकट भी था और वह बेंगलुरु जाने वाला था। बेंगलुरु में वह आठ लाख से अधिक के सालाना पैकेज में नौकरी चाह रहा था।
पुलिसकर्मियों ने निर्वस्त्र कर पीटा
मृतक उदित गायकी (22) के सहपाठियों ने मीडिया को बताया कि वह ऐसा लड़का नहीं था, जैसा पुलिस कांस्टेबल ने बेरहमी से कपड़े फाड़कर उसको निर्वस्त्र करके पीटा। यह घटना जहां हुई वहां से महज दो किलोमीटर के फासले पर ही डीएसपी जीजा के पिता का निजी अस्पताल भी था। पुलिसकर्मियों ने इतना पीटा कि उसे उसके जीजा के पिता के अस्पताल तक भी नहीं पहुंचा सके। मौत से गमजदा मां बेहद सदमे में हैं। वह उसका दुलारा बेटा था। उसकी अंत्येष्टि बहुत भावुक पलों के साथ हुई। इसमें सैंकड़ों छात्र शामिल हुए।
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क्या है पूरा मामला
22 वर्षीय उदित गायकी के साथ मारपीट की वारदात पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित इंद्रपुरी सी-सेक्टर में श्रेयस कोचिंग सेंटर के पास गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग सवा एक बजे हुई थी। कार एमपी (एमपी-04-सीटी-4532) में उदित उसका दोस्त अक्षत भार्गव और दीपेश बरकड़े थे। इसी दौरान नाइट पेट्रोलिंग करते हुए आरक्षक संतोष बामनिया और सौरव आर्य आ गए। तीनों के साथ पुलिस कांस्टेबल की बहस हुई तो उदित गायकी वहां से कुछ दूर आगे भागा। उसको पकड़ने के बाद शर्ट फटने तक उसे बेरहमी से पीटा गया। फिर उसको पकड़कर वापस वह कांस्टेबल लेकर आया। इसके बाद फिर उसने ताबड़तोड़ डंडे उदित गायकी पर बरसाना शुरू कर दिया। मारपीट करने के बाद कांस्टेबल वहां से चले गए। उदित गायकी, अक्षत भार्गव और दीपेश बरकड़े घर जाने की बजाय वहां से हथाईखेड़ा डैम फिर खजूरी सड़क चले गए। इस दौरान रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ी तो दोस्त साई अस्पताल ले गए। यहां चैक करने के बाद डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।
परिजनों को चार घंटे बाद बताया गया
उदित गायकी के पिता राजकुमार गायकी मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में असिस्टेंट इंजीनियर हैं। पत्नी संगीता गायकी सेमरा कला में स्थित सरकारी स्कूल में टीचर हैं। गायकी परिवार बाग दिलकुशा के नजदीक बैंक कॉलोनी में रहता है। बड़ी बेटी डॉली की शादी एमपी पुलिस में डीएसपी केतन अडलक के साथ की गई है। बेटी के ससुर का आनंद नगर में स्थित गायत्री अस्पताल भी है। उदित गायकी का परिवार मूलत: बैतूल जिले का रहने वाला है। मामा अजय गवान्डे और सुभाष गवान्डे ने बताया कि दोस्तों ने परिवार को फोन लगाकर सुबह साढ़े.तीन चार बजे भोपाल एम्स अस्पताल बुलाया। उन्होंने यह नहीं बताया कि चार घंटे वे क्या कर रहे थे। इसके अलावा मामा ने कहा कि पुलिसकर्मी उससे दस हजार रुपए की मांग भी कर रहे थे। उन्होंने बेरहमी से उसके साथ मारपीट की है। पुलिस देश भक्ति जनसेवा के लिए बनी है, लेकिन वह जिस तरह से सीसीटीवी फुटेज में छात्र से निर्ममता करते दिख रही है, वह देखते हुए दोषी पुलिस कर्मचारियों को फांसी देना चाहिए।