मध्य प्रदेश के ग्वालियर उच्च न्यायालय परिसर में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर चल रहे विवाद को लेकर कांग्रेस का विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सोमवार को भोपाल में लोगों के घर जा जाकर संविधान की चर्चा कर बाबा साहब अंबेडकर के संघर्ष और त्याग की कहानी बताया। इस आंदोलन को कांग्रेस ने संविधान सत्याग्रह का नाम दिया है। जो की 23 जून से 25 जून तक जारी रहेगा।
संविधान विरोधी ताकतों की सुनियोजित साजिश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में आयोजित संविधान सत्याग्रह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर उच्च न्यायालय परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा की स्थापना को लेकर खड़ा किया गया विवाद अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह संविधान विरोधी ताकतों की सुनियोजित साजिश है, जो देश के मूलभूत सिद्धांतों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। कार्यक्रम ग्रामीण जिला कांग्रेस द्वारा ग्राम मुगालिया छाप और शहर जिला कांग्रेस द्वारा संत हिरदाराम नगर में आयोजित किया गया।
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संविधान की रक्षा के लिए हर मंच से संघर्ष करेंगे
पटवारी ने कहा कि हम बाबा साहब अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा रचित संविधान की रक्षा के लिए हर मंच से संघर्ष करेंगे। ग्वालियर में मूर्ति स्थापना को लेकर जो विवाद खड़ा किया गया है, वह सिर्फ बाबा साहब पर नहीं, पूरे भारत के लोकतंत्र पर हमला है। इस संविधान सत्याग्रह में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे।