मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्र में कल यानी 13 नवंबर को मतदान होना है। वोटिंग से पहले विजयपुर में फायरिंग की घटना सामने आई है। जिसमें कई आदिवासी घायल हुए है। इस गोलीकांड को लेकर पीसीसी चीफ, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अरुण यादव समेत काग्रेंस के सभी बड़े नेताओं ने बीजेपी पर चौतरफा हमला बोला है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि रामनिवास रावत के गुंडों ने फायरिंग की है। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों पर करारा प्रहार किया हैं।
पटवारी ने कहा- 11 गांव में गोलियां चलाई गई
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि डाकुओं के भरोसे चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत डाकुओं से गोलियां चलवा कर चुनाव जीतना चाह रहे है। बीजेपी चुनाव में कलेक्टर एसपी का तो दुरूपयोग कर ही रही है साथ ही अब डाकुओं को भी उपयोग करने लगी है। 11 गांव में गोली चली है। पांच घायल हुए जिसकी आशंका हमने पहले ही जाता दी थी और इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग को की है। PCC चीफ ने कलेक्टर एसपी को हटाने की मांग की है।
पुलिस ने बीजेपी के गुंडों को दी खुली छूट
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ने कहा कि भाजपा के डकैत गुंडों ने गोली मारी है। उनमें से आदिवासियों ने राजस्थान का नामी गुंडा बंटी रावत को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। एमपी पुलिस ने बीजेपी के गुंडों को खुली छूट दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा- बंटी रावत कौन?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री रमानिवास रावत पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गोली चलाने वाला बंटी रावत कौन है? उसका रामनिवास रावत से क्या रिश्ता है? भाजपा एक तरफ झारखंड और महाराष्ट्र में आदिवासियों का वोट चाहती है और दूसरी तरफ डकैतों के बल पर मध्यप्रदेश में चुनाव करना चाहती है। राजस्थान के बदमाशों को बुला कर आदिवासियों को वोट देने से रोका जा रहा है?
उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा- 30 आदिवासी हुए घायल
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि फायरिंग में तीस आदिवासी घायल हुए हैं। आदिवासियों को टारगेट किया जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी आदिवासी समाज से है इसलिए टारगेट किया है। रामनिवास रावत के गुंडों ने फायरिंग की है। चुनाव आयोग चाहे तो सीधे रावत को जीत का प्रमाण पत्र दे दे। कांग्रेस लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी, हम BJP के गुंडों से लड़ेंगे।
भाजपा को सता रहा हार का डर
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने कहा कि फायरिंग की घटना सबूत है कि भाजपा को हार का डर सता रहा है और चुनाव को प्रभावित करने के लिए मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रही है। मेरी चुनाव आयोग से मांग है कि कल होने वाली वोटिंग भयमुक्त हो उसके लिए कठोर कदम उठाए।
वीडी ने कहा-कांग्रेस ने प्लानिंग के तहत ये किया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विजयपुर विधानसभा की घटना को कांग्रेस की प्लानिंग बताया हैं। उन्होंने कहा कि ये घटना कांग्रेस की फेहरिस्त, विधानसभा चुनाव में मेरे संसदीय क्षेत्र में घटना घटित की गई, उसमें मुस्लिम भाई की जान चली गई थी, उस समय कौन लोग थे? हार का ठीकरा फोड़ने के लिए कांग्रेस हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस ने प्लानिंग के तहत ये किया है। दिग्विजय सिंह और कांग्रेस आरोप और छल की राजनीति करते हैं। सहरिया आदिवासियों को प्रभावित करने की कोशिश है। शर्मा ने आगे कहा कि कांग्रेस का कुचक्र या प्लालिंग न कभी सफल हुई न होने दी जाएगी। बीजेपी सहरिया बहनों को एक हजार लाडली बहना योजना से पहले दे रही है। सीताराम आदिवासी को बीजेपी ने विधायक बनाया। कमलनाथ सरकार में सहरिया समाज की बहनों के एक हजार रुपए बंद कर दिए गए थे। दिग्विजय सिंह के इशारे पर कमलनाथ ने रुपए बंद किए थे।
जाने क्या है पूरा मामला
श्योपुर के धनाचया गांव में सोमवार की रात तीन से चार बाइक पर सवार होकर आए 8 से 9 हथियारधारी बदमाशों ने आदिवासी समाज के ग्रामीणों से पहले आधारकार्ड और मतदाता पर्ची देने को कहा। जब ग्रामीणों ने कहा कि अगर आधार कार्ड और पर्ची तुम्हें दे देंगे तो वोट कैसे डालेंगे। इसके बाद आरोपियों ने लाठी डंडों से आदिवासियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों ने विरोध किया तो वह बंदूकों से अंधाधुंध फायरिंग कर वहां से भागने लगे। तभी एक आरोपी को ग्रामीणों ने बंदूक के साथ पकड़ लिया और पिटाई के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इस फायरिंग में प्रकाश और हरविलास आदिवासी नाम के दो लोगों को गोली के छर्रे लगे हैं। दोनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। एक आरोपी को पकड़ा गया है, उसके पास से एक बंदूक भी बरामद की गई है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।