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Bhopal: सीएम ने प्रदेशव्यापी नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना का किया शुभारंभ, बोले-हम भी सरकारी स्कूल में पढ़ते थे

Thu, 10 Jul 2025 03:48 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को भोपाल नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना का शुभारंभ किया। इस दौरन उन्होने कहा कि हम सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले हैं। और घर से बोरी लेकर आते थे। उस पर ही बैठते और जब बारिश होती थी तो उससे ही सर ढक कर जाते थे। अब यह समय आ गया है कि सरकारी स्कूलों में भी बस सर्विस शुरू होने जा रही है।
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बच्चों से चर्चा करते सीेएम डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन. यादव ने गुरुवार को भोपाल के तात्या टोपे नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या स्कूल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर प्रदेशव्यापी नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम भी सरकारी स्कूल में पढ़े हैं। हम घर से बोरी लेकर जाते थे। उस पर ही बैठते और जब बारिश होती थी तो उससे ही सिर ढंक कर जाते थे। अब यह समय आ गया है कि सरकारी स्कूलों में भी बस सर्विस शुरू होने जा रही है।
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इससे पहले मुख्यमंत्री ने नव-निर्मित, सर्व-सुविधायुक्त स्कूल भवन का लोकार्पण किया और नि:शुल्क साइकिल वितरण कर बच्चों से संवाद किया। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री और भगवान दास सबनानी सहित अन्य उपस्थित थे।

4 लाख 30 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी साइकिलें
वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत राज्यभर के करीब 4 लाख 30 हजार पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित की जाएंगी। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 195 करोड़ रुपये व्यय हो रहे हैं। साइकिल मिलने पर दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में सुविधा होगी।
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हम अपनी ऋषि परंपरा, पुरानी संस्कृति से जुड़ें
इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की कल्पना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुझे लगता है कि जब लोग बच्चों से पूछते हैं कि आप कहां जा रहे हैं तो उन्हें सांदीपनि स्कूल बताते हुए स्वयं को तो गौरव की अनुभूति होगी। साथ ही, जिसके कानों में यह शब्द जाएगा उसे भी लगेगा कि हम अपनी ऋषि परंपरा, पुरानी संस्कृति से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तय किया है कि विद्यालय का नाम सीएम राइज के स्थान पर सांदीपनि विद्यालय होना चाहिए, जिसने आज हमें गौरव की अनुभूति करने का अवसर दिया है। नाम कई बार व्यक्ति के आचरण को स्थापित करता है। नाम हमारी परंपरा को इंगित करता है। आपका नाम आपके बारे में विचारधारा बनाने का काम करता है। मंत्री ने कहा कि आज सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण के अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर बच्चों को आगे आने वाले समय में शिक्षा मिले उसके लिए एक बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ में विद्यालय का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने किया है।

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आधुनिक सुविधाओं से लैस है विद्यालय
राजधानी भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या स्कूल का भवन 36 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें सर्व-सुविधायुक्त लैब, एक विशाल लाइब्रेरी और एक मॉडर्न ऑडिटोरियम शामिल हैं। इसके अलावा, विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए स्मार्ट डिजिटल कक्षाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग, करियर काउंसिलिंग और इनडोर-आउटडोर खेल की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। स्कूल के आसपास के 10 किलोमीटर की दूरी से आने वाले बच्चों के लिए नि:शुल्क परिवहन की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ शिक्षा मिल सकेगी।
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प्रदेशभर में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव
गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के समस्त विद्यालयों में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इन कार्यक्रमों के दौरान छात्रों को प्रार्थना सभा में गुरु पूर्णिमा के महत्व और भारतीय पारंपरिक गुरु-शिष्य संस्कृति के बारे में जानकारी दी जा रही है। विद्यार्थियों के लिए पुरानी गुरुकुल व्यवस्था और भारतीय संस्कृति पर उसके प्रभाव विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई हैं। गुरु पूर्णिमा के दूसरे दिन, मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन, शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा गुरुओं के महत्व पर व्याख्यान और गुरुजनों एवं शिक्षकों के सम्मान के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह उत्सव भारतीय परंपराओं और शिक्षा के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेगा।
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