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Bhopal Budget: भोपाल में बढ़े टैक्स पर विपक्ष का हंगामा, नेता प्रतिपक्ष बोलीं-भाजपा की हिटलरशाही,कोर्ट जाएंगे

Thu, 03 Apr 2025 09:46 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Bhopal Budget: भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत जल, सीवेज, ठोस अपशिष्ट में 15% की वृद्धि की गई है। टैक्स  बढ़ोतरी  नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि  31 मार्च के बाद कोई कर नहीं बढ़ा सकते। हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएं।
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निगम परिषद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल नगर निगम का गुरुवार को बजट पेश हुआ। महापौर मालती राय ने इस बार पिछली बार के मुकाबले 300 करोड़ रुपये ज्यादा यानी 3611 करोड़ और 79 लाख 75 हजार रुपये का बजट पेश किया है।वहीं महापौर ने इस बार भोपाल में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है,वहीं उपभोक्ता प्रभार जल, सीवेज, ठोस अपशिष्ट में भी 15% की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर में बढ़ोतरी पर विपक्ष की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि धारा 132 की उप धारा में प्रावधान है कि 31 मार्च के बाद कोई कर नहीं बढ़ा सकते। फिर नगर निगम ऐसा क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये भाजपा की हिटलरशाही है। हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। बहुमत के आधार पर भोपाल नगर निगम का बजट पास किया गया। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और फिर महापौर मालती राय के भाषण के बाद यह बजट पास किया गया।
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अवैध नल कनेक्शन से दो सौ करोड़ का घाटा
बैठक में एमआईसी सदस्य रविन्द्र यति ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि पानी पर ही निगम सालाना 200 करोड़ के घाटे में है। अवैध नल कनेक्शन भी है, इससे राशि नहीं मिल रही है। इस पर कांग्रेस पार्षद मोहम्मद अजीजुद्दीन ने वसूली में सख्ती लाने की बात कही। उनके वार्ड में ही 2 हजार से ज्यादा अवैध नल कनेक्शन हैं। इस बात पर यति ने कहा कि अवैध नल कनेक्शन को लेकर कड़ा नियम बनाया जाना चाहिए।

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हंगामा करना कांग्रेस की आदत
कांग्रेस पार्षदों द्वारा बजट पर चर्चा के दौरान हंगामा करने और टैक्स को लेकर कोर्ट जाने की बात पर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि कांग्रेस पार्षद सार्थक चर्चा करना नहीं चाहते हैं। जहां तक टैक्स बढ़ाने की बात है तो यह पूरी तरह से नगरीय निकायों की नियमावली और लगातार बढ़ी रही गाइड लाइन व अन्य बातों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय है। कांग्रेस पार्षदों को नियमों का अध्ययन करना चाहिए।

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नेता प्रतिपक्ष बोलीं, टैक्स बढ़ाने के खिलाफ कोर्ट जाएंगे
प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर में बढ़ोतरी पर विपक्ष की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि धारा 132 की उप धारा में प्रावधान है कि 31 मार्च के बाद कोई कर नहीं बढ़ा सकते। फिर नगर निगम ऐसा क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये भाजपा की हिटलरशाही है। हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
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महापौर का बजट 10 करोड़
महापौर मालती राय ने कहा कि बजट सभी विधानसभाओं में बराबरी से बंटेगा। महापौर ने कहा कि मैंने अपना बजट सदन के ऊपर छोड़ दिया है। हालांकि महापौर भाषण की बुकलेट में महापौर के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया। बाद में एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखने का प्रस्ताव दिया। अध्यक्ष ने आसंदी ने कहा कि महापौर ने सदन पर अपनी निधि की बात छोड़ी थी। इसलिए सर्वसम्मति से 10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पास किया गया।

पार्षद को हटाने के प्रस्ताव पर हंगामा
पार्षद देवेंद्र भार्गव ने सवाल उठाया कि यह किस नियम में लिखा है कि निगम कमिश्नर को किसी पार्षद को हटाने का अधिकार है। निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने एमआईसी मेंबर सुषमा बावीसा से नियमों के बारे में पूछा, लेकिन इससे पहले ही भार्गव ने खुद ही जानकारी दे दी। उन्होंने कहा कि केवल संभागायुक्त ही किसी पार्षद को हटा सकते हैं, न कि निगम कमिश्नर। भार्गव ने बताया कि निगम कमिश्नर ने पार्षद अरविंद वर्मा को हटाने का प्रस्ताव रखा था। यह मामला एएचओ और पार्षद के बीच हुई नोकझोंक से जुड़ा था। भार्गव का कहना था कि यदि पार्षद ने कुछ गलत कहा तो जरूर हालात इतने बिगड़े होंगे कि उन्हें ऐसा कहना पड़ा। उन्होंने नियमों की किताब खोलकर स्पष्ट किया कि पार्षद बनने के लिए व्यक्ति को काफी संघर्ष करना पड़ता है। चुनाव लड़ते-लड़ते उसकी चप्पलें घिस जाती हैं। पार्षद जनता के लिए लगातार मेहनत करता है और ऐसे में निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने एक अधिकारी के कहने पर पार्षद को हटाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। भार्गव ने जोर देते हुए कहा कि यदि कोई कार्रवाई होनी थी, तो वह दोनों पक्षों पर होनी चाहिए थी।
 
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