भोपाल में बारिश से सड़कें खराब, जलभराव और सफाई व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन 19 अगस्त की नगर निगम परिषद बैठक के एजेंडे में इन जनसमस्याओं पर चर्चा नहीं है। बैठक में पार्षदों के सवाल-जवाब के बाद निगम की खाली इमारत को किराए पर देने समेत अन्य प्रस्तावों पर चर्चा होगी। विपक्ष ने जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करने पर निगम प्रशासन को घेरा है।
भोपाल में लगातार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। कई इलाकों में सड़कें उखड़ चुकी हैं, निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी भर रहा है और सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। इसके बावजूद 19 अगस्त को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक के एजेंडे में शहर की इन प्रमुख समस्याओं को जगह नहीं मिली है। बैठक में पार्षदों के सवाल-जवाब से शुरुआत होगी और एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निगम की खाली पड़ी इमारत को किराए पर देने के प्रस्ताव के साथ सम्मेलन खत्म होगा। ऐसे में विपक्ष ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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नेता प्रतिपक्ष बोलीं- जनता के मुद्दों पर नहीं हो रही चर्चा
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि परिषद की बैठकों में लगातार ऐसे मुद्दे लाए जा रहे हैं, जिनका सीधा संबंध आम लोगों की परेशानियों से नहीं है। शहर की बुनियादी समस्याओं को बैठक के एजेंडे में शामिल करने की मांग पहले भी की गई थी, लेकिन विपक्ष की बात नहीं सुनी गई।
दो दिन की बारिश ने खोल दी व्यवस्था की पोल
हालिया तेज बारिश के बाद भोपाल के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी। जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। कई इलाकों में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के मौसम में जल निकासी, सड़क मरम्मत और सफाई जैसे मुद्दे सबसे अहम हैं, लेकिन परिषद के आधिकारिक एजेंडे में इन पर चर्चा प्रस्तावित नहीं है।
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पहले सवाल, फिर प्रस्तावों पर चर्चा
19 अगस्त को आईएसबीटी स्थित हॉल में सुबह 11 बजे से परिषद की बैठक होगी। एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर चर्चा से पहले पार्षद सवाल-जवाब के जरिए अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठा सकेंगे।
साल का पहला सामान्य परिषद सम्मेलन
यह इस वर्ष का पहला सामान्य नगर निगम परिषद सम्मेलन होगा, जिसमें एमआईसी से मंजूर प्रस्तावों पर चर्चा होगी। पार्षदों को सवाल उठाने का अवसर भी मिलेगा। इससे पहले दो परिषद सम्मेलन हो चुके हैं, लेकिन उनमें महिला सशक्तिकरण और कचरा प्रबंधन के नए नियम जैसे विषय प्रमुख थे। इन बैठकों में पार्षदों को सामान्य सवाल-जवाब का अवसर नहीं मिला था। ऐसे में इस बार बारिश के बाद सामने आई शहर की बदहाल सड़कों, जलभराव और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दों को एजेंडे से बाहर रखने पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं।