फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: सायबर हेल्प डेस्क शुरू करने वाला प्रदेश का पहला जिला बना भोपाल, हबीबगंज थाने में दर्ज हुई पहली शिकायत

Sun, 01 Dec 2024 06:57 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के 37 थानों में रविवार को सायबर हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। भोपाल प्रदेश का पहला जिला बन गया है जहां सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। हबीबगंज थाने में पहली शिकायत दर्ज की गई। 
विज्ञापन
हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 पिछले कुछ वर्षों में अपराधों के स्वरूप को जिस चीज ने प्रभावित किया है वह सायबर क्राइम है। आज सायबर अपराध आमजनों के साथ ही पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। यह बात पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्रा ने कही, मिश्रा रविवार को हबीबगंज थाने में सायबर सहायता हेल्प डेस्क का उद्घाटन करने पहुंचे थे। भोपाल के 37 थानों में सायबर हेल्प डेस्क शुरू हो गई है, जहां 5 लाख रुपये तक की ठगी और सायबर क्राइम के मामले दर्ज कराए जा सकेंगे। इसके साथ ही भोपाल मध्यप्रदेश का सायबर हेल्प डेस्क शुरू करने वाला पहला जिला बन गया है।
विज्ञापन


हर थानों में 10 पुलिस जवानों को किया प्रशिक्षित
सायबर सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ करते हुए पुलिस कमिश्नर मिश्र ने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि पुलिस कमर कसकर खुद को इसके लिए तैयार करे। बढ़ती हुई चुनौतियों के अनुरूप और ज्यादा संसाधनों से अपने आप को युक्त करें, ताकि सायबर क्राइम को रोका जा सके। उसी कड़ी में भोपाल जिल के थानों में सायबर हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। इसके पहले दो सप्ताह तक तैयारी की गई और करीब 400 पुलिस कर्मचारियों को पूरी तरह से प्रशिक्षित किया गया। प्रत्येक थाने में औसतन 10 से ज्यादा पुलिस जवानों को प्रशिक्षिण दिया जा चुका है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।  पुलिस आयुक्त हरिनारायणा चारी मिश्र ने सायबर डेस्क का उद्घाटन हबीबगंज थाने किया। इस दौरान थाने पर सायबर फ्राड के पीडि़तों की शिकायत भी दर्ज की गई। इसके पहले अधिकांश शिकायतें सायबर सेल में की जाती थी। हेल्प डेस्क शुरू होने से नागरिकों को अपने निवास के नजदीकी थाने में ही शिकायत करने में सहूलियत होगी। इससे समय की बचत तो होगी ही साथ ही साथ पैसा फ्रीज करने और जांच प्रक्रिया भी ठीक से प्रारंभ हो सकेगी।



हर थाने में बनेगी टेक्निकल सेल
सायबर हेल्प डेस्क में पांच लाख रुपए तक की शिकायत की जाएगी। इससे बड़ी शिकायत के लिए सायबर क्राइम ब्रांच से संपर्क करना होगा।आवेदक से क्या-क्या जानकारी प्राप्त करनी है और टेलीकॉम कंपनी व बैंकों से किस तरह पत्राचार किया जाना है, इसका विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, गूगल, जीमेल इत्यादि से पत्राचार की प्रक्रिया समझाई गई है। थानों की सायबर डेस्क को जांच एवं विवेचना में क्षमतावान बनाने के लिए प्रत्येक थाने की टेक्निकल सेल भी बनाई जा रही है। पूर्व में टेक्निकल सेल डीसीपी कार्यालय में काम करती थी। थाना स्तर पर टेक्निकल सेल बनाने से थानों की विश्लेशण क्षमता बढ़ेगी, जिससे शिकायतों के निराकरण एवं अपराधियों की धरपकड़ में तेजी आएगी।
विज्ञापन



अपराध और गिरफ्तारियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध
पोर्टल की जानकारी जरूरी थाने की हेल्प डेस्क द्वारा एनसीसीपीआर-सायबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा रही हैं तथा सीआईईआर पोर्टल पर गुम मोबाइल के आवेदन थाना स्तर पर लिए जा रहे हैं। पीडि़त व्यक्ति स्वयं भी गुम मोबाइल का आवेदन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। जेएमआईएस के समन्वय द्वारा अन्य राज्यों में नोटिस तामिल किए जा सकेंगे। संदेही मोबाइल नंबर एवं खाता नंबर से अन्य राज्यों में किए जाने वाले अपराध एवं गिरफ्तारियों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही आई- 9 सॉफ्टवेयर द्वारा तकनीकी विश्लेषण किया जा सकेगा। बुजुर्ग व्यक्ति ने दर्ज कराई रिपोर्ट हबीबगंज में रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति ने ऑनलाइन सामान बुलवाया था। सामान नहीं मिलने पर उन्होंन गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर बात की। इस दौरान उनका संपर्क सायबर जालसाज से हो गया। जालसाज ने वीडियो काल पर बात करते हुए बुजुर्ग को अपना फोन पे चालू करने का बोला और दो बार में उनके एकाउंट से 1 लाख 29 हजार 798 रुपए निकाल लिए। रविवार को हेल्प डेस्क का उद्घाटन करने पहुंचे पुलिस आयुक्त को उन्होंने शिकायत की, जिसके बाद डेस्क पर पहली शिकायत दर्ज की गई।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें