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Bhopal: पूर्व CM के दखल के बाद डिप्टी CM आए एक्शन में, नर्सिंग प्रवेश में विसंगति पर ली अधिकारियों की बैठक

Wed, 15 Jan 2025 07:06 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

नर्सिंग कॉलेजों के प्रवेश में आ रही विसंगति पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के दखल के बाद डिप्टी सीएम ने बुधवार को विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई और प्रवेश में आ रही विसंगित को तत्काल समाप्ता करने के सख्त निर्देश दिए।
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अधिकारियों की बैठक लेते डिप्टी सीएम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश में विसंगति को लेकर एक दिन पहले छात्र पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मिलने पहुंचे थे और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात की थी। मामला गरमाने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई और कहा कि विसंगति को तत्काल दूर किया जाए। दरअसल 12वीं क्लास में हिंदी विषय नहीं होने की वजह से सैकड़ों छात्रों को प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए

योग्य विद्यार्थियों को मिले प्रवेश
उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में 12वीं में हिंदी विषय न पढ़ने वाले अभ्यर्थियों के चयन में आई विसंगतियों का संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मानकों के अनुरूप आवश्यक प्रावधान कर इस समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश मिल सके। उन्होंने फार्मेसी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए फार्मेसी काउंसिल के नियमों में आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय विषयों की समीक्षा की।


भार्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश 
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से चल रही विभागीय भर्ती प्रक्रियाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कैबिनेट स्वीकृत पदों की भर्ती की कार्यवाही निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। साथ ही कैबिनेट अनुमोदन के लिए मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन का प्रावधान, तीन नवीन जिला चिकित्सालयों में पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव की औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के लिये कहा। राज्य मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल केके रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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NSUI ने उठाया था छात्रों का मुद्दा
दरअसल जब नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिलने पर विद्यार्थी भोपाल पहुंचे तो विभाग के अधिकारी उनसे नहीं मिले ऐसे में एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार विद्यार्थियों को लेतर पूर्व सीएम के बंगले लेकर गए जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने विभाग के अधिकारियों से बात की और इसके बाद बुधवार को डिप्टी सीएम ने मामले में अधिकारियों की बैठक ली। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा है कि यह सभी छात्रों की जीत है। NSUI हमेशा छात्रों के हक के लिए लड़ती आई है और आगे भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय उन सैकड़ों छात्रों के लिए राहत है, जिनका भविष्य अधर में लटका हुआ था। रवि परमार ने कहा कि छात्रों के 12वीं में हिंदी विषय न होने की वजह से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा था, जबकि यह नियम इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मानकों के खिलाफ है। परमार ने कहा कि यह संघर्ष एक बड़ी सफलता है और यदि भविष्य में भी छात्रों के साथ अन्याय होगा , तो संगठन पूरी ताकत के साथ उनका समर्थन करेगा।

दिग्विजय ने सीएम को कहा आप को बदनाम करने का षड्यंत्र
 इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा था कि मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग का यह अजीब निर्णय है। चयनित छात्रों के रजिस्ट्रेशन निरस्त इसलिए किए जा रहे हैं क्योंकि उन्होंनें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा ली है। जब की केंद्रीय नर्सिंग कौंसिल के नियमों में अंग्रेजी मीडियम की बाध्यता है। मोहन यादव जी यह आपको बदनाम करने का क्या षड्यंत्र है? आपके गुरु जेपी नड्डा जी केंद्रीय मंत्री कहते हैं अंग्रेज़ी मीडियम से पढ़ो आप कहते हैं हिंदी मीडियम से पढ़ो!! इन बच्चों के भविष्य को आप क्यों बिगाड़ रहे हैं? आपकी सरकार ने जो नियम बनाये है वे भी आप 24/12/2024 को प्रकाशित कर रहे हैं जब की नतीजे उसके पहले आ गए। क्या यह केवल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कुछ परभावशाली लोगों के बच्चों का चयन नहीं हुआ? क्या यह सही है?' 
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