बाबा नीम करौली पर बन रही फिल्म के मुख्य कलाकार मनोज जोशी ने कहा है कि गर्व से कहता हूं कि मैं हिंदू हूं और सनातन धर्म हमारी आत्मा में बसता है। मनोज जोशी ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि सनातन धर्म को बचाने के लिए निकाली गई यात्रा में मैं दिल से शामिल था, भले ही वहां नहीं पहुंच पाया, लेकिन मैं आत्मा से शामिल हुआ। सनातन हमारे दिल में बसता है। उन्होंने कहा कि नीम करौली बाबा बजरंगबली के अवतार थे। मेरा सौभाग्य है कि उनका किरदार निभाने का मौका मिला है। मनोज जोशी भोपाल में बाबा नीम करौली के 125वें प्रकटोत्सव शामिल होने पहुंचे हैं।
भोपाल में बनेगा बाबा नीम करौली का आश्रम
फिल्म कलाकार मनोज जोशी ने कहा है कि भोपाल में बाबा नीम करौली का आश्रम बनाया जाएगा। इसके लिए सभी भोपाल वासियों को आवाहन किया जा रहा है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि बाबा के आश्रम को बनाने में सभी अपना सहयोग दें। बाबा का आश्रम भोपाल में बनना भोपाल वासियों के लिए गौरव की बात है। बाबा के पौत्र भी भोपाल में ही निवास करते हैं, इसलिए भोपाल के निवासियों के लिए और बेहतरीन अवसर है सभी लोग आश्रम बनाने में सहयोग करें।
सनातन महान था, महान है और महान रहेगा
मनोज जोशी ने कहा है कि सनातन धर्म पूरे विश्व के कल्याण की बात करता है किसी एक धर्म या जाती की बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि हमें हिंदू होने पर गर्भ है। सनातन जीवन शैली है। सनातन धर्म के अंदर मेरा कल्याण हो ऐसी कोई प्रार्थना नहीं है। सनातन में विश्व का कल्याण हो प्राणियों में सद्भावना हो, सभी सुखी हों जैसी बात होती है, इसीलिए सनातन महान था, महान है और महान रहेगा।
बाबा से लेना चाहिए सीख
मनोज जोशी ने कहा कि बाबा नीम करौली से लोगों को सीख लेना चाहिए की वे किस तरह साधारण जीवन जीने में विश्वास रखते थे। बाबा अपने पैर किसी को नहीं छूने देते थे। अगर कोई उनके पैर छूने की कोशिश करता तो वह उस व्यक्ति को हनुमान जी के पैर छूने को कहते थे। देश ही नहीं विश्व भर के लोगों में उनके प्रति आस्था है। मैं अभी भी उनके बारे में जानकारी ले रहा हूं।
कौन थे बाबा नीम करौली
बाबा नीम करौली को हनुमान जी का अवतार कहा जाता है। मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर बाबा नीम करौली महाराज जी का जन्म हुआ था। बाबा नीम करौली का जन्म अकबरपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बाबा नीम करौली महाराज जी का असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। वैसे तो बाबा नीम करौली महाराज जी के देश-दुनिया में कई मंदिर है, लेकिन इन सबमें सबसे अधिक महत्व उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित कैंची धाम का है। कैंची धाम में लगने वाले 15 जून के मेले में बाबा के भक्तों का तांता लग जाता है। कैंची धाम की स्थापना स्वयं बाबा नीम करौली महाराज ने की थी।