भोपाल में बढ़ते लव जिहाद को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही लव जिहादियों की अर्थी निकली और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें शहर के निजी एवं शासकीय महाविद्यालय परिसरों में बढ़ता "लव जिहाद, धर्मांतरण एवं असामाजिक गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। परिषद ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिक्षा के पवित्र वातावरण को बनाए रखने हेतु कड़े कदम उठाने की मांग की।
इन महाविद्यालयों की शिकायत
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भोपाल के टीआईटी, एमएलबी, एमवीएम, हमीदिया, गीतांजलि सहित अनेक महाविद्यालय परिसरों में बाहरी तत्वों की अनियंत्रित आवाजाही, नशे के अड्डों की बढ़ती संख्या एवं पुलिस सुरक्षा की कमी के कारण छात्राओं में भय और असुरक्षा का वातावरण व्याप्त हो गया है। जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। परिषद ने चेताया कि यदि प्रशासन शीघ्र कदम नहीं उठाता तो आंदोलनात्मक मार्ग अपनाया जाएगा।
एबीवीपी की मांगें
1- बिना वैध पहचान पत्र के कॉलेज परिसरों में प्रवेश पर रोक।
2- कॉलेज परिसरों के 500 मीटर के दायरे में शराब व नशे के उत्पादों की दुकानों पर प्रतिबंध।
3- छात्रावासों में नियमित औचक निरीक्षण कर नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक।
4- “लव जिहाद” जैसी घटनाओं की रोकथाम हेतु विशेष पुलिस टीमों का गठन।
5- छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण व सतर्कता कार्यशालाओं का आयोजन।
6- शैक्षणिक परिसरों में धार्मिक भेदभाव एवं प्रचार-प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध।
7- सभी महाविद्यालय परिसरों से अतिक्रमण हटाया जाए।
8- महिला कॉलेजों के पास स्थित शराब दुकानों को तत्काल हटाया जाए।
9- गीतांजलि कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों में महिला पुलिस बल की तैनाती।
10- छात्राओं के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर की स्थापना और प्रचार।
11- सभी कॉलेजों में “Internal Complaints Committee (ICC)” का गठन जिसमें छात्र प्रतिनिधि, महिला प्रोफेसर और महिला पुलिस अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल हों।
यह भी पढ़ें-नई ट्रांसफर पॉलिसी को मिली मंजूरी, प्रदेश में 1 से 30 मई तक होंगे तबादलेनई ट्रांसफर पॉलिसी को मिली मंजूरी, प्रदेश में 1 से 30 मई तक होंगे तबादले
दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री शिवम जाट ने कहा कि महाविद्यालय शिक्षा का मंदिर है, जहां किसी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। परिषद मांग करती है कि लव जिहाद करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो तथा परिसर में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने। एबीवीपी छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। प्रांत छात्रा प्रमुख बबली शर्मा ने कहा कि समाज में रहकर हिंदू बहन-बेटियों को लक्षित कर लव जिहाद जैसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को फंसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति भविष्य में ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
यह भी पढ़ें-एमपीपीएसी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती विज्ञापन को किया रद्द, भर्ती में आयुष को शामिल करने की मांग
नशीले पदार्थों की दुकानों को हटाया जाए
महानगर सह मंत्री आरती ठाकुर ने कहा:“छात्राओं को एक सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण मिलना चाहिए। महाविद्यालय परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की दुकानों को हटाया जाए तथा नियमित महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए। एबीवीपी यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। अंत में एबीवीपी ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए चेताया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो विद्यार्थी परिषद आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगी।