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Bhopal: एमसीयू में अभ्युदय का शुभारंभ, कुमार विश्वास हुए शामिल, सीएम बोले- खोजी पत्रकारिता का उदाहरण हनुमान

Wed, 20 Aug 2025 06:16 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में बुधवार को नए शैक्षणिक सत्र अभ्युदय-2025 की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में कवि डॉ. कुमार विश्वास ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
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एमसीयू नए शैक्षणिक सत्र अभ्युदय-2025 का शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में बुधवार को नए शैक्षणिक सत्र अभ्युदय-2025 की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में कवि डॉ. कुमार विश्वास ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि यदि खोजी पत्रकारिता का सबसे बड़ा उदाहरण देखना हो तो भगवान हनुमान से बेहतर कोई नहीं। लंका जाने के दौरान उन्होंने परिस्थितियों की परवाह किए बिना हर जानकारी गहराई से जुटाई। अपनी जान हथेली पर रखकर जो आकलन और खोज उन्होंने की, वह पत्रकारिता की असली मिसाल है। हालात जैसे भी हों, उसके अनुसार स्वयं को ढाल लेना कभी साधारण रूप तो कभी विकराल रूप यह सब हनुमानजी से सीखने योग्य गुण हैं।

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मैं आपके कुलपति का पति हूं
सीएम ने कहा कि हमें गर्व है कि माखनलाल चतुर्वेदी हमारे मध्यप्रदेश के थे। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण होना हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं शिक्षा मंत्री के रूप में इंदौर गया था, तब एक विश्वविद्यालय की कुलपति (वाइस चांसलर) के पति से भेंट हुई। उन्होंने अपना परिचय इस तरह दिया कि मैं आपके कुलपति का पति हूं। यह सुनकर मुझे गहरा धक्का लगा। तभी मैंने तय कर लिया कि इस गलत शब्द को बदलना ही होगा। दरअसल अंग्रेजी के वाइस चांसलर का अनुवाद हिंदी में ‘कुलपति’ कर दिया गया था, जो त्रुटिपूर्ण था। इसके बाद हमने महाराष्ट्र से जानकारी ली, जहां इसे कुलगुरु कहा जाता है। यह शब्द अधिक उपयुक्त लगा और हमने इसे ही अपनाते हुए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय प्रमुखों के लिए ‘कुलगुरु’ शब्द निर्धारित किया।

बोल नहीं सकता वर्ना कंटेम्प्ट हो जाएगा : कुमार विश्वास
कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में कहा कि कुत्ते बुरी चीज नहीं हैं। मैं माननीय से असहमत हूं, जो वो कर रहे हैं। बोल नहीं सकता वर्ना कंटेम्प्ट हो जाएगा। लेकिन, इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करता हूं कि उन्होंने यह कहा कि दिल्ली से चार टांग वाले निकालो, वर्ना कौन पकड़ लिया जाता। कुमार विश्वास ने कहा कि अमेरिका का नाम लिए बगैर कहा कि बढ़ते हुए टैरिफ में वो जो एक भूरे बालों वाला फूफा है। उसने हद कर दी है। वो दिन में तीन ट्वीट हमारे प्रधानमंत्री को करता है। बस अब वो यही कहने वाला है कि अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी तो मैं नस कांट लूंगा। अरे भाई तुझसे कोई बात नहीं कर रहा है, तू अपना काम कर। भारत एक स्वाधीन देश है और दूसरे प्रकार का नेतृत्व है। यह (पीएम) ऐसी आर्म ट्विस्टिंग करने वालों के साथ क्या करता है ना पता हो तो कांग्रेस में दोस्त हैं, उनसे पूछ लें। वो बता देंगे। सभी छात्रों को इस पर अध्ययन करना चाहिए कि बढ़ती हुई टैरिफ की धमकी के बीच देश की अर्थव्यवस्था को ऊंचाई पर कैसे लेकर जा सकते हैं। इस दौर में एक छोटा व्यापारी कैसे बड़ा बन सकता है। सुबह उठता हूं, टूथ पेस्ट हो या ब्रश सब बाहरी कंपनी के होते हैं। क्या भारत इतनी छोटी चीजें नहीं बना सकता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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सीएम हाउस में गाय पाली जा रही
कवि कुमार विश्वास ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री निवास पर गाय पाली जाती है या कुत्ता पाला जाता है, यह सीएम तय करता है। मुख्यमंत्री कार्यालय तय नहीं करता है। आज मध्य प्रदेश के सीएम हाउस में गाय पाली जा रही हैं। कल दूसरी परंपरा का मुख्यमंत्री हो तो उसके यहां कुत्तों की फौज नजर आएगी। यह आपके ऊपर है कि आपको किस चीज का प्रदर्शन करना है।
 
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मुझे विद्यार्थी दे दीजिए, जहाज पकड़ के आ जाऊंगा
विश्वास ने कहा कि शुद्ध रूप से कवि सम्मेलन की व्यावसायिकता को ऊपर ले जाने में मैंने काफी श्रम किया, जिसमें काफी सफलता भी मिली। उस व्यावसायिकता के खांचे में यह कार्यक्रम फिट नहीं बैठता है। ऐसे में कुलगुरु ने मुझसे पूछा कि हम आपको क्या दे सकते हैं, तो मैने कहा आप सिर्फ मुझे विद्यार्थी दे दीजिए। मैं जहाज पकड़ कर खुद आ जाऊंगा। आगे की सीट में जो सज्जन बैठें हैं, सभी परिचित हैं। यह संवाद के स्तर से ऊपर उठ गए हैं। मुझे ऐसा कोई भ्रम नहीं है कि इन्हें कुछ बोल कर सुधार दूंगा या कुछ सिखा दूंगा। जो पीछे स्टूडेंट्स बैठे हैं, उनके सामने पूरा कर्मक्षेत्र पड़ा हुआ है।


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पोषण अभियान का समापन
नवागत विद्यार्थियों के स्वागत सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसमें उन्हें विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की। इस दौरान ''पोषण अभियान'' का समापन भी हुआ। अभियान के तहत 1111 पौधे लगाए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया गया। तीन दिवसीय अभ्युदय-2025 कार्यक्रम 22 अगस्त तक चलेगा।

सीएम के पहुंचते ही गुल हुई बिजली
कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव जैसे पहुंचे, अचानक बिजली गुल हो गई। सीएम की सुरक्षा में तैनात जवानों ने तुरंत मंच को चारों ओर से घेर लिया। इसके साथ ही करीब 8 सुरक्षा कर्मियों मंच पर बैठे मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कवि कुमार विश्वास के चारों ओर घेरा बना लिया। करीब दो मिनट तक बिजली गुल रही। इस दौरान बच्चों से लेकर सुरक्षा कर्मी फोन की फ्लैश जलाकर रोशनी करने का प्रयास करते रहे। माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए छात्रों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
 

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