भोपाल में राष्ट्रीय बाल भवन नई दिल्ली और जवाहर बाल भवन भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने संगीत, नृत्य, चित्रकला सहित विविध सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों और आत्मविश्वास से लबरेज प्रस्तुति ने मंच को जीवंत बना दिया।
राजधानी भोपाल रविवार को बच्चों की कला, संस्कृति और रचनात्मक ऊर्जा का गवाह बना, जब राष्ट्रीय बाल भवन नई दिल्ली और जवाहर बाल भवन भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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संस्कार और संस्कृति से जुड़ती नई पीढ़ी
कार्यक्रम में सूर्यवंशी ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उन्हें अभिव्यक्ति का मंच देने का सशक्त माध्यम हैं। ये कार्यक्रम न केवल आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपरा और समाज के प्रति जागरूक बनाते हैं। शिक्षा और संस्कृति का मेल ही राष्ट्र निर्माण की नींव है। उन्होंने राष्ट्रीय बाल भवन और जवाहर बाल भवन भोपाल के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें "नवोदित प्रतिभाओं के पोषक संस्थान" कहा।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में बच्चों ने संगीत, नृत्य, चित्रकला सहित विविध सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों और आत्मविश्वास से लबरेज प्रस्तुति ने मंच को जीवंत बना दिया। दर्शकों में उपस्थित अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों ने बच्चों के उत्साह और हुनर की खुलकर सराहना की। इस आयोजन में जवाहर बाल भवन की संचालकशुभा वर्मा, सहायक अंजू श्रीवास्तव, चन्द्रमणि, नेहा सहित अनेक समाजसेवी, अभिभावक और शहर के नागरिक शामिल हुए।
नई पीढ़ी को मिलता है संस्कार और रचनात्मकता
आयोजन में जवाहर बाल भवन की संचालक शुभा वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों को एक सकारात्मक मंच देते हैं, बल्कि समाज को भी यह संदेश देते हैं कि संस्कृति और शिक्षा साथ मिलकर ही समग्र विकास का रास्ता बनाते हैं। नगर निगम और बाल भवन जैसे संस्थानों का यह सहयोग निश्चित ही नई पीढ़ी को संस्कार और रचनात्मकता की ओर प्रेरित करता है।