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भोपाल का 26.5 टन गोमांस कांड: असलम चमड़ा की जमानत का विरोध, अदालत में हिंदू संगठनों की आपत्ति

Thu, 12 Mar 2026 05:59 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल के चर्चित 26.5 टन गोमांस बरामदगी मामले में जेल में बंद आरोपी असलम चमड़ा की जमानत याचिका का हिंदू उत्सव समिति ने अदालत में विरोध किया है। समिति के अध्यक्ष ने जमानत खारिज करने की मांग करते हुए कहा कि यह मामला समाज की आस्था से जुड़ा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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स्लॉटर हाउस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में सामने आए बहुचर्चित 26.5 टन गोमांस  मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा की जमानत याचिका का अब हिंदू संगठनों ने अदालत में विरोध किया है। श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने न्यायालय में आवेदन देकर आरोपी की जमानत खारिज करने की मांग की है।
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जमानत रद्द करने की मांग
चंद्रशेखर तिवारी ने अदालत में दाखिल आवेदन में कहा है कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ा विषय है। इतने बड़े पैमाने पर गौमांस बरामद होने के कारण आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और अदालत उचित निर्णय लेते हुए समाज की भावनाओं का सम्मान करेगी। उन्होने ने कहा कि शहर में चमड़ा के चाहने वाले चर्चा कर रहें है कि जल्द ही उसे जमानत मिल जाएगी। मामला सेट हो गया है, इस लिए उन्होने कोर्ट से अपील की है।

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यह था पूरा मामला
यह मामला उस समय सामने आया था जब भोपाल में एक ट्रक से करीब 26.5 टन फ्रोजन मांस पकड़ा गया था। मांस को बड़ी संख्या में कार्टनों में पैक कर दूसरे शहर भेजने की तैयारी थी। शुरुआती दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था, लेकिन जांच के दौरान इसके गौमांस होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद मामला संवेदनशील हो गया। और मथुरा की लैब में हुई जांच में साबित हुआ कि यह गोमांस ही था जिसके बाद से विवाद और बढ़ गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने स्लॉटर हाउस को सील कर दिया और पुलिस ने असलम चमड़ा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की।
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दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
बरामद मांस की मात्रा को देखते हुए जांच में 260 से अधिक गायों के वध की आशंका भी जताई गई थी। बताया गया कि स्लॉटर हाउस को केवल सीमित संख्या में भैंस काटने की अनुमति थी, जबकि बरामद मांस की मात्रा उससे कहीं अधिक पाई गई। इस वजह से मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। मामले के सामने आने के बाद शहर में विरोध और प्रदर्शन भी हुए थे। कई हिंदू संगठनों ने इसे बड़ा गौ तस्करी नेटवर्क बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। अब जब मुख्य आरोपी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई है, तो संगठनों ने अदालत में आपत्ति लगाकर जमानत निरस्त करने की मांग की है।


 
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