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नाराज किसान सड़कों पर: भोपाल में SDM ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे, प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

Mon, 04 May 2026 02:12 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में किसान अपनी लंबित समस्याओं को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। गेहूं खरीदी, राजस्व मामलों और जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर उनका विरोध बढ़ता जा रहा है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
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किसानों का धरना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं से परेशान किसान अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। एमपी नगर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर किसानों ने धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।एमपी नगर और हुजूर तहसील क्षेत्र से आए किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों, सीमांकन, नामांतरण और अन्य राजस्व मामलों को लेकर आक्रोशित हैं। इसके साथ ही सड़क निर्माण के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण में मुआवजे को लेकर भी विरोध तेज हो गया है।
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बार-बार आवेदन देने के बावजूद समस्याएं जस की तस
किसान प्रतिनिधि कुबैर सिंह राजपूत के अनुसार, बार-बार आवेदन देने के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि स्लॉट बुकिंग से लेकर किसान सम्मान निधि, फार्मर आईडी, फसल बीमा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

धरना क्यों बना मजबूरी
किसानों का कहना है कि तहसील स्तर पर राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय पर नहीं हो रहा। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों में महीनों लग रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई मामलों में बिचौलियों के हस्तक्षेप की शिकायत भी सामने आई है।
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गांवों में पटवारियों की मौजूदगी की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग उठाई है कि पटवारी सप्ताह में कम से कम दो दिन सोमवार और गुरुवार अपने-अपने हल्कों के गांवों में बैठें। इससे किसानों को तहसील मुख्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी और छोटे-छोटे काम गांव में ही निपट सकेंगे। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

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मुख्य समस्याएं एक नजर में
गेहूं खरीदी में बाधाएं: पोर्टल की खराबी और स्लॉट बुकिंग में देरी से खरीदी व्यवस्था प्रभावित, फसल खराब होने का खतरा
मुआवजे पर विवाद: सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन का उचित मूल्य नहीं मिलने का आरोप
प्राकृतिक आपदा का असर: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान, बीमा सर्वे में देरी
राजस्व मामलों में देरी: नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामलों में समयसीमा का अभाव
बिजली व्यवस्था लचर: जर्जर तार और पोल से जोखिम, समय पर सुधार की मांग


 
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