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भोपाल: लोकायुक्त अधिकारी बन छापे का डर दिखाकर रकम ऐंठने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार

Mon, 17 Jan 2022 07:05 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश के कई अधिकारियों को लोकायुक्त के छापे का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले तीन बदमाशों को ईओडब्ल्यू भोपाल ने सुल्तानाबाद से गिरफ्तार किया है। ये खुद लोकायुक्त अधिकारी बनकर अफसरों को डराते थे।
 
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Bhopal: लोकायुक्त छापे का डर दिखाकर लाखों रुपये हड़पने वाले आरोपी हिरासत में - फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश के कई अधिकारियों को लोकायुक्त के छापे का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले तीन बदमाशों को ईओडब्ल्यू भोपाल ने सुल्तानाबाद से गिरफ्तार किया है। ये खुद लोकायुक्त अधिकारी बनकर अफसरों को डराते थे।
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जानकारी के अनुसार रीवा का रहने वाला संजय मिश्रा अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देता था। ईओडब्ल्यू को इस मामले में शिकायत मिली थी। ईओडब्ल्यू भोपाल ने कोटरा सुल्तानाबाद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम रीवा निवासी संजय मिश्रा, उसका बेटा आकृति मिश्रा और रघुराजा गर्ग बताए गए हैं। तीनों पर रीवा में कई मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी संजय मिश्रा ने अपने साथियों के साथ में कई जिला पंचायत, जल संसाधन विभाग, पीएचई, पीडब्लूडी सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को छापे का भय दिखाकर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवाए हैं।

दस हजार का इनामी बदमाश है संजय
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी संजय पिता रामलोचन मिश्रा निवासी तिलक नगर रीवा पर ईओडब्ल्यू पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम भी रखा था। बताया गया कि ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त का अधिकारी बनकर संजय मिश्रा शासकीय कर्मचारियों को छापे का डर दिखाता था और अपने यूनियन बैंक के खाते में रकम डलवाता था।
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रीवा में जल संसाधन विभाग के जयकिशन द्विवेदी से 22 जुलाई को एक लाख रुपये हड़पे थे। रेंजर उंचेहरा जिला सतना के रामनरेश साकेत को ईओडब्ल्यू का छापा पड़वाने की धमकी देकर पचास हजार रुपये जमा करने को कहा, लेकिन रामनरेश ने ईओडब्ल्यू को शिकायत कर दी। इसी तरह कालीचरण दुबे उपयंत्री, जल संसाधन विभाग, सागर ने भी बताया कि संजय मिश्रा ने ऐसा ही दबाव बनाकर 25 हजार मांगे थे, लेकिन उन्होंने भी ईओडब्ल्यू रीवा को शिकायत कर दी थी।

शिकायत होने की जानकारी लगते ही रीवा से भागा
इसके बाद ईओडब्ल्यू  ने दो सितंबर को एफआईआर दर्ज की। पता लगते ही संजय मिश्रा, उसका बेटा आकृत रीवा छोड़कर भाग गए। बाद में पता चला कि वे भोपाल के टीटी नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। यहीं इन्होंने रघुराजा गर्ग निवासी पन्ना को अपना साथी बना लिया था। रघुराजा ने श्योपुर, सागर, रतलाम, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा आदि के अधिकारियों को धमकी देकर राशि वसूल की। रघुराजा को अपना अकाउंट इस्तेमाल करने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। बीते चार महीने में रघु के खाते में करीब साढ़े तीन लाख रुपये जमा हुए। 

आदतन अपराधी है संजय मिश्रा
बताया गया है कि संजय मिश्रा आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ 2019 में भी ठगी का मामला रीवा में दर्ज हुआ था, जिसमें वह फरार था। संजय कई सिम कार्ड इस्तेमाल करता था। साथियों के मोबाइल में अपना नाम डीपी शर्मा, इंस्पेक्टर, ईओडब्ल्यू लिखवाता था। ताकि ट्रू कॉलर में यही नाम नजर आए। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। 
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