भोपाल की टीम ने 35 हजार क्विंटल धान की रिजेक्ट
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मध्यप्रदेश के कटनी जिले में विभागीय अधिकारियों की सांठ-गांठ से उपार्जन केन्द्रों में खरीदी प्रभारी और समिति प्रबंधकों ने बड़ी मात्रा में अमानक स्तर की धान खरीद डाली और उसे भंडारण के लिए वेयरहाउस भेजा गया। हालांकि पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ, जब भोपाल की सर्वे टीम लगातार 4 दिनों में अलग अलग तहसीलवार में बने वेयरहाउस के बाहर ही ट्रकों को रोककर धान की गुणवत्ता की जांच करते हुए उसे रिजेक्ट करार दे दिया। जिसके बाद से ही खरीदी में शामिल पूरे विभागों में हड़कंप मचा और आनन-फानन में जिला प्रशासन ने एक टीम गठित कर रिजेक्ट धान की जांच के लिए भेजा, जिसे उन्होंने भी घटिया किस्म की धान मिलने पर सैंपल फेल कर दिए।
इधर, एडीएम साधना परस्ते ने बताया कि धान की जांच के लिए जिला प्रशासन की टीम पिछले 16 दिसंबर से अलग अलग जा रही थी। वहीं 7 जनवरी को खुद एडीएम अन्य विभागीय अधिकारियों के दल बल के साथ पहुंची थी, जिन्होंने बड़ी मात्रा में अमानक स्तर की धान पकड़ी थी।
14 जनवरी से कटनी पहुंची
बात की जाए भोपाल की सर्व टीम आरबी एसोसिएट की जो 14 जनवरी से कटनी पहुंची और धान की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए करीब 35 हजार क्विंटल धान रिजेक्ट की है। हालांकि इसमें से अधिकांश धान को अपग्रेड कराया गया है, लेकिन रिजेक्ट हुई धान विजयराघवगढ़, बड़वारा, बहोरीबंद, उमरियापान सहित अन्य समितियों के अंदर आने वाले खरीदी केंद्रों की बताई गई है। इस पूरे मामले की जांच गठित टीम से करवाई जा रही है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध विभागीय रूप से कार्रवाई की जाएगी।