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Bhopal: प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस बिंद्रा से 1.81 करोड़ की ठगी, पुरानी मशीन को नई तकनीक बताकर बेचा

Sat, 08 Aug 2026 08:46 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस बिंद्रा से निजी कंपनी ने नई लेजर तकनीक का झांसा देकर 1.81 करोड़ रुपये ठग लिए। पुरानी मशीन देने का खुलासा होने पर शिकायत की गई। अब मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस बिंद्रा के साथ 1.81 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला दिखाता है कि शातिर ठग अपनी योजनाओं में किसी भी अनुभवी और समझदार व्यक्ति को फंसा सकते हैं। आरोप है कि एक निजी कंपनी ने अत्याधुनिक तकनीक का दावा कर उन्हें पुरानी और चलन से बाहर हो चुकी लेजर मशीन बेच दी। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामले की जांच भोपाल क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

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हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार अरेरा कॉलोनी निवासी 71 वर्षीय डॉ. पीएस बिंद्रा भोपाल में मातोश्री नेत्रालय का संचालन करते हैं। उनके बेटे भी अस्पताल के संचालन में सहयोग करते हैं। वर्ष 2018 में एक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों ने उनसे संपर्क कर टेनेओ एक्साइमर लेजर सिस्टम खरीदने का प्रस्ताव दिया। कंपनी ने दावा किया कि यह अत्याधुनिक तकनीक वाली मशीन है, जिससे अस्पताल को बड़ा व्यावसायिक लाभ होगा। साथ ही कंपनी ने बड़ी मात्रा में इंट्रा ऑक्युलर लेंस खरीदने का भी आश्वासन दिया। इन दावों पर भरोसा करते हुए दोनों पक्षों के बीच 4.14 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ। इसके बाद डॉ. बिंद्रा ने चार अलग-अलग किस्तों में कंपनी को कुल 1.81 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।

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ऐसे खुली धोखाधड़ी की पोल
अप्रैल 2018 में जब मशीन अस्पताल में स्थापित की गई और उसका उपयोग शुरू हुआ, तब डॉक्टर को संदेह हुआ। जांच और कंपनी के साथ हुए पत्राचार में पता चला कि जिस मशीन को नई तकनीक बताकर बेचा गया था, वह वास्तव में पुरानी और अप्रचलित तकनीक की थी। आरोप है कि कंपनी ने बाद में स्वयं स्वीकार किया कि संबंधित उपकरण का निर्माण वर्ष 2015 में ही बंद हो चुका था। इसके बावजूद वर्ष 2018 में उसी मशीन को नई तकनीक बताकर बेचा गया।
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कानूनी नोटिस के बाद पहुंचा मामला पुलिस तक
डॉ. बिंद्रा का आरोप है कि कंपनी ने न केवल पुरानी मशीन देकर धोखाधड़ी की, बल्कि अनुबंध में किए गए अन्य वादे भी पूरे नहीं किए। इस संबंध में कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद डॉ. बिंद्रा ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर भोपाल क्राइम ब्रांच अब कंपनी के प्रतिनिधियों, अनुबंध और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।

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