भोपाल पुलिस ने जनसंवाद के जरिए छात्राओं को अपराधों के प्रति जागरूक किया।
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भोपाल पुलिस ने राजधानी में महिला अपराधों और साइबर फ्रॉड की घटनाओं के प्रति स्कूली छात्राओं और स्टॉफ को जागरूक करने जनसंवाद किया। जहांगीराबाद के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पुलिस और चाइल्ड लाइन के अधिकारियों ने छात्राओं और स्कूल स्टॉफ को महिला अपराधों और साइबर फ्रॉड के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी।
डीसीपी साई कृष्णा ने छात्राओं को डिजिटल फ्रॉड की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक समय में अपराधी नए तरीकों से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत ज्यादा है। वर्तमान समय में हम सभी मोबाइल फोन, टेबलेट, लेपटॉप जैसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस उपयोग कर रहे हैं। ये डिवाइसेस हमारी जरूरत तो हैं ही लेकिन कई बार ये हमारी कमजोरी और परेशानी का कारण भी बन जाते हैं। ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं प्रदेश में बढ़ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग करते समय उनका पासवर्ड सरल न रखें, ताकि आपका अकांउट हैक होने से बच सके। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने पर्सनल फोटोज और डेटा शेयर करने से बचें। ऑनलाइन शॉपिंग और मोबाइल से पेमेंट करते समय सतर्क रहें।
फर्जी फेसबुक आईडी के बारे में बताते हुए डीसीपी साई कृष्णा ने बताया कि वर्तमान में फर्जी फेसबुक आईडी से फ्रॉड की घटनाएं हो रही हैं। यदि आपका कोई परिचित मैसेंजर के माध्यम से पैसों की मांगे तो बिना फोन पर बात करे पैसे न दें। बिना जानकारी लिए पैसे देने पर साइबर ठगी का शिकार बन सकते हैं। प्रदेश में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
जन संवाद के दौरान चाइल्ड लाइन डायरेक्टर अर्चना सहाय ने छात्राओं को गुड टच और बेड टच की जानकारी देकर लैंगिग अपराधों के प्रति सजग किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि अगर कोई लड़की या महिला किसी व्यक्ति से परेशान है तो वो पुलिस के ऊर्जा डेस्क या चाइल्ड लाइन में शिकायत दर्ज करा सकती है। किसी व्यक्ति की हरकतों या अपराधों को अनदेखा करने पर असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ जाते हैं। सही समय पर अपराधी की शिकायत करने पर उसे सजा मिलती है और पीड़ित को न्याय। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से सायबर फ्रॉड और जागरूकता से संबंधित सवाल किए जिसका छात्राओं ने जवाब दिया वहीं छात्राओं के सवालों का जवाब देकर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जागरूक किया।