भोपाल में पुलिस ने स्कूल बसों की जांच की
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बिलाबॉन्ग स्कूल की घटना के बाद प्रशासन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गया है। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने निजी विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुधारने और शासन की गाइड लाइन का पालन करने के लिए अधिकारियों की टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन के नेतृत्व में गठित दल अलग-अलग बिंदुओं पर सभी स्कूलों की जांच करेगा और अव्यवस्था मिलने पर कार्रवाई करेगा। वहीं, गुरुवार को पुलिस और परिवहन विभाग ने अलग-अलग इलाकों में स्कूल बसों को रोकर उनकी जांच की। इसमें ड्राइवर के वेरिफिकेशन से लेकर अग्नि सुरक्षा यंत्रों की जांच की।
कलेक्टर लवानिया ने सभी एसडीएम के नेतृत्व में उनके क्षेत्रों के स्कूलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आरटीओ और डीएसपी ट्रैफिक, बसों की फिटनेस के साथ गाइड लाइन का पालन करने के लिए जांच अभियान चलाएगा।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए है कि सभी निजी स्कूलों में शासन द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन कराया जाए और बच्चों और बच्चियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। सभी स्कूल बसों में जिनमें बच्चियां आती जाती है उनमें महिला स्टाफ जरूरी है। इसके साथ ही रिकार्डिंग, कैमरे भी अनिवार्य है। उन्होंने लगातार सभी बसों की जांच के लिए अलग-अलग उड़न दस्ते बनाए जाने के निर्देश दिए है।
कलेक्टर लवानिया ने आरटीओ को सभी स्कूल बसों की फिटनेस और अन्य जांच करने के भी निर्देश दिए है। स्कूलों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग टॉयलेट हो इसकी भी जांच कराई जाए। सभी जगह महिला स्टाफ तैनात रहे इसके लिए भी निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है इसमें लापरवाही होने पर प्रबंधन को भी जिम्मेदार माना जायेगा और उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।