सीएम हाउस की तरफ जाते मिर्ची बाबा
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प्रदेश में गौवंश की दयनीय स्थिति को देखते हुए आज मिर्ची बाबा मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनशन करने पहुंचे थे, लेकिन राजभवन के पास पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और अपने साथ ले गई। इस दौरान मिर्ची बाबा ने कहा कि गौ-माता की रक्षा के लिए प्राण भी त्यागने पड़ेंगे तो भी पीछे नहीं हटूंगा। बाबा ने सरकार से गौवंश की सुरक्षा के लिए गंभीरता दिखाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-माताओं के लिए चारे व भूसा की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। हर गौमाता के हिसाब से सरकार रोजाना 50-50 रुपये स्वीकृत करे।
शुक्रवार को मुरैना जिले से कांग्रेस विधायक राकेश मावई बाबा से मुलाकात करने पहुंचे थे। विधायक से बाबा ने जिले में बीते दिनों हुई गौ माताओं की मौतों के बारे में जानकारी ली थी। बता दें कि अपनी मांग को लेकर मिर्ची बाबा बीते तीन दिनों से अनशन कर रहे हैं। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा शुक्रवार को मीनाल रेसीडेंसी में अपने घर के बरामदे में अनशन पर बैठे थे। शनिवार को भी बाबा ने घर के बरामदे में अनशन पर जारी रखा था। वहीं दोपहर को वे दंडवत करते हुए मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हुए थे। जहां पुलिस उन्हें राजभवन से अपने साथ ले गई। मिर्ची बाबा के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है। अयोध्या नगर के टीआई शैलेंद्र शर्मा के अनुसार मिर्ची बाबा घर के बरामदे में अनशन कर रहे हैं। बाहर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई। मिर्ची बाबा गौ-माताओं के विरोध में गुरुवार को भी मीनाल रेसीडेंसी से मुख्यमंत्री निवास तक के लिए पैदल यात्रा निकाल रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें घर के बाहर रोक दिया था, जिसके बाद नाराज बाबा घर में ही अनशन पर बैठे थे। बाबा के सहयोगी ने पुलिस पर मिर्ची बाबा को सीएम से न मिलने देने का आरोप लगाया है।