नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व सीएम कमलनाथ और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेता जी सुभाष चंद्र बोस को आज हम याद कर उन्हें नमन कर रहे हैं। यही नहीं हम कांग्रेस के इतिहास को भी याद कर रहे हैं। सुभाष चंद्र बाोस ने ‘जय हिन्द’ का नारा दिया था और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उस नारे को राष्ट्रीय नारे का स्वरूप दिया। नेता जी ने महात्मा गांधी और पं. जवाहर लाल नेहरू के साथ मिलकर आजादी के आंदोलन में भाग लेने के लिए आईसीएस से इस्तीफा दिया जो अंग्रेजी हुकूमत से बड़ी होती थी। उन्होंने दो बिग्रेड बनाये और आजादी की लड़ाई में कूद गये। देश की आजादी में हमारे महान नेताओं का योगदान रहा है इसी कारण हमारा देश आज एकता के साथ एक झंडे के नीचे खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्यों की सरकारों का आज जिस प्रकार दमन का रवैया है, उसको देखते हुए लगता है कि हमें हमारे संविधान की स्वतंत्रता और देश के भविष्य के लिए एक बार फिर स्वतंत्रता की दूसरी लड़ाई लड़ना पड़ेगी। देश के भविष्य को, संविधान बचाने को और देश की संस्थाओं को बचाने की चुनौती आज हमारे सामने हैं।
राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आजादी की लड़ाई में योगदान, नेतृत्व और उनका व्यक्तित्व अद्भुत था, मध्य प्रदेश जबलपुर के त्रिपुरी में जब अखिल भारतीय कांग्रेस का अधिवेशन हुआ तब उन्हें अध्यक्ष चुना गया। वे आजादी की लड़ाई में सिवनी जेल में भी रहे। जो लोग लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते उन ताकतों के खिलाफ हमें लड़ाई लड़ना है। आज कांग्रेस के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। नेताजी के बताए रास्ते और सोनिया गांधी के नेतृत्व में हम सबको काम करना है। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यालय में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।